दिल्ली से कार में पुरानी करेंसी लेकर आ रहे चार युवकों को पुलिस ने धर दबोचा। इनके पास से पुलिस ने 15.30 लाख रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की है। आरोपी 55-60 फीसदी कमीशन पर बदलवाने के लिए करेंसी को गाजियाबाद लेकर आ रहे थे। पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को सूचित कर दिया है।
एसएचओ इंदिरापुरम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार रात एक सूचना पर कौशांबी में चेकिंग अभियान के दौरान दिल्ली की ओर से आ रही सफेद सेंट्रो कार को रोका गया। कार चालक बचकर निकलने लगा तो पुलिस टीम ने कार रोक कर उसे दबोच लिया।
कार के साथ ही स्कूटी पर आ रहे दो युवकों को भी पकड़ा गया। तलाशी में कार सवारों के पास से 1000 और 500 की पुरानी करेंसी निकली। पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।
जांच में करीब 15.30 लाख रुपये की पुरानी करेंसी निकली, जिसमें सात लाख 20 हजार के एक हजार के नोट और आठ लाख 10 हजार के 500 रुपये के पुराने नोट थे। पूछताछ में युवकों ने बताया कि वे गाजियाबाद एक व्यक्ति के पास आ रहे थे, जिसने कमीशन पर पुरानी करेंसी बनाने का आश्वासन दिया था। 55-60 फीसदी कमीशन पर रुपये बदले जाने थे।
एसएचओ ने बताया कि पकड़े गए युवकों में प्रॉपर्टी डीलर मुकेश कुमार निवासी गीता कालोनी, प्रापर्टी डीलर विजय, निजी कंपनीकर्मी कपिल निवासी जगतपुरी और अकाउंटेंट संदीप निवासी कृष्णा नगर शामिल थे।
एसएचओ इंदिरापुरम ने बताया कि मामले की सूचना इनकम टैक्स विभाग को देकर रुपयों को सीज कर दिया गया है। चारों युवकों को मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया है। इनकम टैक्स विभाग ही मामले की जांच करेगा।
एनआरआई के जरिए करेंसी बदलवाने की थी कोशिश
एसएचओ इंदिरापुरम ने बताया कि शुरुआती जांच में यह रुपया प्रापर्टी की खरीद फरोख्त के दौरान बचा हुआ काला धन लग रहा है। इसे पकड़े गए युवक बैंक में जमा नहीं करवा सके और न ही बदलवा सके। अब एनआरआई गिरोह के दम पर रुपयों को बदलने की कोशिश की जा रही थी, मगर इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नोट बदलने की सीमा खत्म होने के बाद अब सिर्फ एनआरआई ही सीधे आरबीआई में पुराने नोट जमा करवा सकते हैं। ऐसे में उन्हें शक है कि कोई बड़ा एनआरआई गिरोह भी चारों युवकों के संपर्क में हो सकता है।
इस गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में पुलिस और इनकम टैक्स विभाग की टीम जुटी है। लगातार गाजियाबाद में ही पुरानी करेंसी पकड़ी जा रही है। ऐसे में गाजियाबाद में कोई एनआरआई गिरोह के होने का शक पुलिस को है।