युवक से 57 हजार की लूट से मचा हड़कंप, मामला संदिग्ध
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र स्थित आरडीसी में बैंक के अंदर युवक से गन प्वाइंट पर 57 हजार रुपये लूटने की सूचना पर मंगलवार को पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और सूचना देने वाले युवक से पूछताछ की। करीब छह घंटे पुलिस लूट की सूचना को तस्दीक करने के लिए दौड़ती रही, अंत में सीसीटीवी फुटेज में युवक खुद ही दो युवकों को रुपये देता दिखाई दिया। पुलिस ने लूट की सूचना देने वाले युवक को हिरासत में ले लिया है। वह बार-बार बयान बदल रहा है।
राजनगर सेक्टर-10 में रहने वाले राजीव गर्ग का अंबेडकर रोड पर कंप्यूटर शोरूम है। मसूरी निवासी कन्हैया उनके शोरूम में ढाई साल से असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहा है। राजीव गर्ग ने बताया कि उन्होंने मंगलवार दोपहर करीब 1:15 बजे कन्हैया को 57 हजार रुपये लेकर एडीएफसी बैंक की अंबेडकर रोड ब्रांच में करंट अकाउंट में जमा कराने भेजा था। करीब पौने दो बजे उन्हें सूचना मिली कि आरडीसी स्थित एचडीएफसी बैंक की ब्रांच के अंदर से कन्हैया से रुपये गन प्वाइंट पर लूट लिए गए हैं। सूचना पर राजीव गर्ग और कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची और कन्हैया से पूछताछ की। उसने बैंक के अंदर पिस्टल के बल पर लूट होने की बात कही तो पुलिस को संदेह हुआ। गार्ड की मौजूदगी में हथियार के बल पर लूट होने के बावजूद लोगों ने इसकी पुष्टि नहीं की। इसके बाद कन्हैया ने कहानी बदली और बताया कि वह बैंक में पैसा जमा कराने के लिए पर्ची भर रहा था। इसी दौरान दो युवक आए। इनमें से एक ने उसके पेट के पास पिस्टल तान दी और बाहर ले गए। बैंक से करीब 100 मीटर दूर ले जाकर उससे रुपयों की गड्डी लूट ली और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें पिस्टल के बल पर लूट होने की बात खारिज हो गई। सीओ द्वितीय आतिश कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद एचडीएफसी बैंक के पास ही एक रेस्तरां के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई तो कन्हैया बैंक के बाहर खुद ही दो युवकों को रुपये देता दिखाई दिया और उनसे हाथ मिलाता हुआ भी दिखाई दे रहा है। सीओ ने बताया कि कन्हैया को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं राजीव गर्ग का कहना है कि उन्होंने अभी तहरीर नहीं दी है। कन्हैया से वह अपने स्तर से भी पूछताछ कर रहे हैं।