शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा, राजस्थान में ‘हल्ला’
गाजियाबाद। लड़कियों की शादी कराने और उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में राजस्थान के चुरू जिले में हल्ला मचा है। मामला इतना बढ़ गया कि वहां के जिला कलक्टर को डीएम गाजियाबाद को पत्र लिखकर टिप्पणी मांगनी पड़ी हैं, ताकि मामले में ठोस कार्रवाई की जा सके। प्रमाण पत्र पर पता आर्य समाज मंदिर विजय नगर गाजियाबाद लिखा है। बताया जा रहा है कि चुरू जिले से काफी संख्या में लड़कियां गायब हो जाती है। जिनका पुलिस द्वारा कुछ दिनों में शादी का सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर दिया जाता है, लेकिन किसी लड़की को परिजनों से नहीं मिलवाया जाता। उधर, गाजियाबाद जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
चुरू के जिला कलक्टर ललित गुप्ता का कहना है कि हमारे पास जानकारी आई थी कि बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की लड़कियों की शादियां गाजियाबाद में कराई जा रही हैं। मामले में जांच कराई तो काफी हद तक सहीं पाया गय्रा, लेकिन लिखित शिकायत न होने पर आगे की जांच नहीं की जा सकी। अब अनुसूचित जाति की एक लड़की के मामले में उसके पिता ने लिखित शिकायत दी, जिसमें उन्होंने साक्ष्यों के साथ आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को झूठे जाल में फंसा गया, जिसका शादी प्रमाण पत्र आर्य समाज मंदिर विजय नगर (गाजियाबाद) से जारी किया गया है। शिकायत के आधार पर डीएम गाजियाबाद को पत्र लिखकर टिप्पणी मांगी गई है कि संबंधित संस्थान के खिलाफ अभी तक क्यों कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध
लड़की के पिता का कहना है कि उनकी बेटी 28 सितंबर की दोपहर करीब 12:30 बजे गायब हो गई। थाने में शिकायत दर्ज कराई तो करीब दो माह बाद थाने से पत्र आया, जिसमें शादी का सर्टिफिकेट संलग्न था। पत्र में लिखा है कि दोनों ने आपसी रजामंदी से शादी कर ली है। सर्टिफिकेट में शादी की तिथि 28 सितंबर शाम साढ़े चार बजे ही दर्ज थी। अब सवाल है कि गाजियाबाद चुरू जिले से करीब 400 किमी दूर हैं। ऐसे में करीब चार घंटे में लड़की इतनी दूर कैसे पहुंच सकती है। आज तक मुझे मेरी लड़की से मिलवाया तक नहीं गया है। अब या तो आर्य समाज मंदिर के लोग राजस्थान में सक्रिय हैं या फिर पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए यह काम कर रही है। क्योंकि जिले में बड़ी संख्या में लड़कियां गायब हो रही हैं, जिनका आज तक पता नहीं।