गाजियाबाद। साइबर ठगों ने दो अलग-अलग लोगों से 32.51 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ितों ने साइबर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांस हिंडन की लोनी क्षेत्र स्थित आक्सी होम्स सोसायटी में रहने वाले अमित कुमार सिंघल के मुताबिक जून 2025 को उन्होंने कंपनी से नौकरी छोड़ दी और काम की तलाश करने लगे। नौ नवंबर 2025 को उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा। इसमें पार्ट टाइम ऑनलाइन काम करके रुपये कमाने का झांसा दिया गया। विज्ञापन पर क्लिक करने पर साइबर ठग ने उन्हें टेलीग्राम एप से जोड़कर उत्पादों के सर्वे और फीडबैक के टॉस्क पूर्ण करने के बदले कमाई का झांसा दिया। पीड़ित को एलाईट प्रीमियम प्रोफिट ग्रुप-4 के नाम से जोड़ा गया। पूर्व में उन्हें निशुल्क टॉस्क दिए गए और डी मैट खाते में मोटी कमाई होना दर्शाया गया। इसके बाद उन्हें टॉस्क लेने के लिए खातों में रुपये भेजने को कहा गया। आरोप है कि उनका ब्रेनवॉश कर साइबर ठगों ने मोटी धनराशि ट्रांसफर कराई। जब उन्होंने खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया, तो नियमों का उल्लंघन बताकर उनसे लाखों रुपये जमा कराए। पीड़ित ने परेशान होकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक साइबर ठगों ने उनसे 22 लाख 29 हजार 450 रुपये की ठगी की है।
वहीं, कविनगर थाना क्षेत्र के राजनगर में रहने वाले कारोबारी राजेश सहरा के मुताबिक 22 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर अंजान कॉलर ने कॉल कर खुद को आईजीएल का प्रतिनिधि बताया। कॉलर ने बिल अपडेट न करने पर आपूर्ति बंद होने का भय दिखाया। साथ ही उनके मोबाइल पर आईजीएल बिल अपडेट फाइल डॉट एपीके नाम से फाइल भेजी। क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया और इसका कंट्रोल भी अनियंत्रित हो गया। साइबर ठगों ने उनके खाते से सात ट्रांजक्शन के जरिये 10 लाख 22 हजार 311 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। एडीसीपी ने बताया कि दोनों पीड़ितों की तहरीर पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। टीम को सौंपे गए बैंक खाते, मोबाइल नंबर आदि से साइबर ठगों को ट्रेस किया जा रहा है।