कामयाबी की राह भले ही मुश्किल हो, लेकिन हौसला न टूटे और कुछ कर गुजरने की ललक हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही जज्बा डीपीएसजी की विशेष श्रेणी की छात्रा सृष्टि ने दिखाया। सपनों को साकार करने में शारीरिक अक्षमता को आड़े नहीं आने दिया।
परीक्षा के दौरान अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सृष्टि ने कला विषय में 93.02 प्रतिशत अंक हासिल कर स्पेशल बच्चों में पहला स्थान पाया।डीपीएसजी की छात्रा सृष्टि शर्मा की रीढ़ की हड्डी में जन्म से गैप है। इलाज के बाद भी सृष्टि में सामान्य बच्चों की तरह नहीं हो सकीं।
दो घंटे तक भी लगातार न बैठ पाने वाली सृष्टि ने तीन घंटे बैठकर परीक्षा दी और मनोविज्ञान में 100 अंक हासिल किए। सृष्टि को इतिहास में 99 और राजनीतिक विज्ञान में 95 नंबर मिले हैं। राजनीतिक विज्ञान के बाद सृष्टि बीमार पड़ गई और अस्पताल में भी भर्ती हुई, इसके बाद भी उन्होंने ने हिम्मत नहीं हारी।
महज दो दिन की तैयारी में भूगोल और अंग्रेजी की परीक्षा दी। स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता ने बताया कि भूगोल में सृष्टि को 83 नंबर ही मिले हैं, इसके लिए वह रीचेकिंग फार्म भी भरवाएंगे। सृष्टि के पिता नहीं है, वह अपने ताऊ जी और मां के साथ ही स्कूल की टीचर्स को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं।
सृष्टि ने कहा कि उन्हें कभी पढ़ने से नहीं रोका गया। ताऊ जी उसे हर रोज स्कूल छोड़ने आते थे। सृष्टि ने कहा कि उनकी मम्मी ने उनके लिए दिन-रात मेहनत की है। मम्मी चंद्रवती शर्मा जिला मुख्यालय में कार्यरत हैं। सृष्टि का सपना अब सेंट स्टीफन कालेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई कर सिविल सर्विस में करियर बनाने का है।