बीईसीआईएल कंपनी के आरोपियों को रिमांड पर ले जाती सीबीआई पुलिस
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सीबीआई ने मंगलवार की देर रात बीईसीआईएल के जीएम रमित लाला को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी जीएम लाला सहित अन्य चार आरोपियों को सीबीआई ने बुधवार की शाम 6 बजे सीबीआई कोर्ट मेन न्यायधीश आलोक पांडे की अदालत में पुलिस रिमांड हेतु पेश किया था। अदालत ने आरोपी की 2 मई तक पुलिस रिमांड स्वीकार की थी। वही मामले का एक अन्य आरोपी बीईसीआईएल सीएमडी जॉन कुरुविला को सीबीआई ने 2 लाख की रिश्वत के साथ नोएडा से गिरफ्तार कर बुधवार दोपहर 3:00 बजे अदालत में पेश किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद जॉर्ज कुरुविला को भी 2 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।
मामले की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में मंगलवार 2 मई को हुई। अदालत ने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सहित बचाव पक्ष के 5 अधिवक्ताओं को सुना। सुनवाई के बाद अदालत में 3 दिन के अतिरिक्त रिमांड पर आरोपियों को सीबीआई पुलिस को सौंप दिया।
मामले में अधिवक्ता राम अवतार गुप्ता और अली मालवीय सहित दिल्ली के अन्य अधिवक्ता बचाव पक्ष की तरफ से प्रस्तुत हुए। सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी कंपनी बीईसीआईएल उपकरण बनाती है। ठेकेदार से कंपनी के सीएमडी जार्ज कुरुविला और रमित लाला ने काम दिलाने और फंसी रकम को निकलवाने के एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड की थी। सरकारी कंपनी मे काम करने वाले सीएमडी जॉर्ज कुरुविला और कंपनी के जीएम रमित लाला ने एक प्राइवेट कंपनी फ्यूजन कॉरपोरेशन जिसके मालिक जेएमपी खन्ना, उसकी बेटी मोनिका धवन उसकी बहन चारु खन्ना व कंपनी मालिक का ड्राइवर विष्णु बहादुर बिका कंपनी मिलकर ठेकेदारों से रिश्वत लेते थे।
सरकारी कंपनी के एमडी रमित लाला को ठेकेदार ने एक सप्ताह पहले दो लाखों रुपए की रिश्वत दे दी थी। ठेकेदार की कर्मचारी मोनिका धवन ने वीडियो कॉलिंग के जरिए प्लानिंग की थी। ठेकेदार ने मामले की शिकायत सीबीआई से की थी। ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने रमित लाला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर के सीबीआई कोर्ट में पेश किया था। पूछताछ के नाम पर सीबीआई ने इन 6 आरोपियों पर 2 मई तक का पुलिस डिमांड कस्टडी मांगी थी लेकिन पूछताछ पूरी ना हो पाने के कारण सीबीआई ने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दाखिल की थी। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 5 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। सीबीआई ने अदालत से मौके से प्राप्त कंप्यूटर, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डाटा निकालने के लिए समय मांगा है।