हापुड़। वन स्टॉप सेंटर में पीड़िताओं से सिर की मालिश और अन्य कार्य कराने के मामले में काउंसलर पर गाज गिर गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आरोपी काउंसलर रविता चौहान को सेंटर से हटा दिया है। जांच में दोषी मिलने पर सेवा समाप्त करने की बात कही है। अन्य कर्मचारियों को भी चेतावनी जारी की गई है।
जून माह में एक प्रकरण में सेंटर में रह रही नाबालिग पीड़िता के मामले में बुलंदशहर के अधिवक्ता ने शिकायत भेजी थी। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सेंटर में रहने वाली पीड़िताओं से घरेलू कार्य कराए जाते हैं। एक कर्मचारी (काउंसलर) इन पीड़िताओं से अपना सिर और हाथ-पैर तक दबवाती है। तेल से सिर की मालिश और जूं भी निकलवा रही है। अधिवक्ता ने वीडियो भी भेजी थी। उन्होंने पीड़िताओं से उनके परिजनों को मिलवाने के नाम पर रुपये लेने का आरोप भी लगाया था।
इसके बाद गढ़ रोड स्थित सेंटर में पीड़िताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे। वहीं, मामले का जानकारी पर डीएम कविता मीना ने जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह को तलब कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक को अंतिम चेतावनी दी गई है। काउंसलर रविता चौहान को सेंटर से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
अभी तक की जांच में यह आया सामने
रविता चौहान ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद वह कार्यालय गई थीं। सेंटर में तबीयत खराब होने पर वह दवा लेकर लेटी थीं। पीड़िता कब उनके पास आकर बालों से खेलने लगी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं लगी। जांच में काउंसलर के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया। वायरल वीडियो में प्रथम दृष्टया देखने में आया कि सेंटर में कार्यरत काउंसलर पीड़िता से जूं निकलवा रही है। इस मामले में सेंटर में लगे सीसीटीवी की रिकार्डिंग को चेक किया गया, इसमें 19 जून से 29 जून तक का डाटा ही मिला है। इसके डाटा का बैकअप लिया जा रहा है। बैकअप आने के बाद ही अधिकारी अब पूरी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।