गाजियाबाद। बोर्ड बैठक में भी बढ़े संपत्तिकर के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है। महापौर ने दो माह तक बिल जारी नहीं करने के आदेश बैठक के दौरान दिए थे। उसके बाद भी लोगों को संपत्तिकर का बिल जारी होने से पार्षदों में नाराजगी है।
पार्षद गौरव सोलंकी ने कहा कि बढ़े हुए संपत्तिकर के प्रस्ताव को सदन की बैठक में एक सिरे से नकार दिया गया। महापौर ने भी निगम के अधिकारियों को बढ़े हुए संपत्तिकर का बिल जारी करने से मना किया था। उसके बाद भी नगर निगम के कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। अगर निगम की ओर से मनमानी को बंद नहीं किया गया तो सभी पार्षद मिलकर इसको आंदोलन की राह पर लेकर जाएंगे।
पार्षद नीरज गोयल ने कहा कि बढ़े हुए संपत्तिकर को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बढ़े हुए संपत्तिकर को जबतक कम नहीं किया जाता है। तब तक बिल जमा होने नहीं दिया जाएगा और अगर 18 जुलाई तक सदन की कार्यवृत्त नहीं मिली तो पार्षद नगर निगम परिसर में ही धरना देंगे।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि सदन के फैसले के बाद भी बढ़ा हुआ बिल भेजा जाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम के अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। जिन्होंने सदन के फैसले के बाद लोगों को बिल जारी किया है। ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।