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Ghaziabad News: निगम टीम ने शालीमार गार्डन टंकी के टूटे हिस्से को हटवाया

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साहिबाबाद। नगर निगम टीम ने शालीमार गार्डन के विजय पार्क में पानी टंकी के टूटे हिस्से को हटवाया। हादसा होने से रोकने के लिए काम कराया गया। वहीं, निगम अधिकारियों ने जल निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर स्ट्रक्चर ऑडिट कराकर काम कराने पर जोर दिया है। ऑडिट के बाद ही टंकी के मरम्मत कार्य कराने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, जल निगम अधिकारियों ने विभागीय स्तर से टंकी की मरम्मत कराए जाने से इन्कार किया है।
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नगर निगम जलकल महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि टंकी की टूटी सीढ़ियों को हवा में लटके होने की शिकायत मिल रही थी। टंकी परिसर के गेट पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया था और नगर निगम मोहननगर जोनल अधिकारियों की ओर से नगर निगम को पत्र भी लिखा, लेकिन लोगों ने टंकी के टूटे हिस्से को तत्काल हटवाने की मांग की। इस बाबत सोमवार को पार्क में टीम भेजी गई। क्रेन की मदद से टीम ने टूटे हुए हिस्से को अलग किया। उन्होंने बताया कि जल निगम अधिकारियों की मदद से आगे मरम्मत का काम कराए जाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
जल निगम नहीं करेगा मरम्मत
जल निगम अधिशासी अभियंता मोहम्मद ताहिर ने बताया कि जल निगम एक कार्यदायी संस्था है, लेकिन विभागीय स्तर से टंकी की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा सकता है। दो साल पहले भी साहिबाबाद इलाके की टंकी की मरम्मत व ध्वस्तीकरण कराने के लिए पत्र प्राप्त हुआ था। नगर निगम अधिकारियों को विभाग की ओर से काम कराने से इन्कार कर दिया था। इसके लिए रुड़की व अन्य विश्वविद्यालय टीम से परामर्श करने पर जोर दिया गया था। शालीमार गार्डन मेन पार्क की टंकी के मामले में अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है।
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12 साल में टूटने लगी टंकी, हो जांच
इस मामले में शिकायत करने वाले स्थानीय निवासी समाजसेवी जय दीक्षित ने बताया कि नगर निगम अधिकारी टंकी के मामले में खानापूर्ति कर रहे हैं। वर्ष 2006 में जल निगम ने टंकी बनाई और हैंडओवर होने पर छह साल से ज्यादा का समय लग गया। मई 2012 में यूनाइटेड फॉरम ऑफ ट्रांस हिंडन की टीम के अधिकारियों से मिलने हैंडओवर प्रक्रिया पूरी हो पाई। महज 12 साल में ही टंकी का खराब होना लापरवाही को उजागर करता है, जबकि पानी के टंकी की मियाद 60 साल होती है। जय दीक्षित ने पूरे मामले की डीएम, नगर आयुक्त व जल निगम अधिकारियों से जांच कराने की मांग की।
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