फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुफ्त में जमीन लुटाएगा निगम, बोर्ड में रखे कई प्रस्ताव

Sun, 30 Apr 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गाजियाबाद। एक-एक इंच सरकारी जमीन को बचाने के लिए जहां प्रदेश की योगी सरकार कड़ा एक्शन ले रही है, वहीं नगर निगम खुद इसे लुटाने की तैयारी कर रहा है। निगम की आगामी बोर्ड बैठक में सामाजिक  संस्थाओं को जमीन देने के प्रस्तावों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन


खास बात ये है कि निगम अफसर इन संस्थाओं को जमीन देने की इतनी जल्दबाजी में है कि कार्यकारिणी समिति से प्रस्ताव पास कराए बिना सीधे ही सदन की बैठक में रखने की प्लानिंग कर ली है।

नगर निगम एक्ट के मुताबिक एलएमसी की जमीन किसी भी प्राइवेट पार्टी को नहीं दी जा सकती। बिजलीघर, पार्क, सड़क या अन्य किसी सामुदायिक सुविधाओं के लिए उनका पुनर्ग्रहण हो सकता है।
विज्ञापन


इसकी लड़ाई खुद नगर निगम के पार्षद ही विरोध करते रहे हैं। अब नगर निगम ने खुद सामाजिक संस्थाओं को जमीन देने की तैयारी कर ली है। बोर्ड बैठक के एजेंडे में सेवा भारती संस्था को विजयनगर में एनएच-24 से सटी बेशकीमती 600 वर्ग मीटर देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके अलावा भगवान परशुराम वैदिक विद्या समिति को 2 हजार वर्ग मीटर जमीन देने, एंटी डिस्क्रिमिनेशन कोर को पूर्व सैनिकों को विभिन्न कार्यों के लिए जमीन देने और कैंसर एंड हार्ट फाउंडेशन को एक हजार वर्ग मीटर जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें से एक भी प्रस्ताव कार्यकारिणी समिति में नहीं रखा गया, बल्कि सीधे बोर्ड बैठक में रख दिए गए हैं।

एक्ट के खिलाफ नहीं जा सकता बोर्ड: राजेंद्र त्यागी
नगर निगम एक्ट के मुताबिक सरकारी जमीन निगम सिर्फ अपने प्रयोग के लिए या अन्य सरकारी विभाग को सामुदायिक सुविधाओं के लिए दे सकता है। किसी भी प्राइवेट संस्था को सरकारी जमीन नहीं दी जा सकती। बोर्ड बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होगी तो अपना पक्ष रखकर विरोध जताएंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें