गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर के बाद ऑक्सीजन की कमी से निपटने के तमाम दावे किए गए। लाखों रुपया खर्च कर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए, लेकिन अब इन प्लांटों की दुर्दशा होने लगी है।
जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे ऑक्सीजन प्लांटों को एक दिन भी चलाकर नहीं देखा गया। लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर, भोजपुर और डासना के ऑक्सीजन प्लांट बजट के अभाव में बंद पड़े हैं। इतना ही नहीं एमएमजी अस्पताल का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट भी बजट के अभाव में रिफिल नहीं कराया गया है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सांसों पर संकट गहराने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर अस्पतालों तक में ऑक्सीजन के पुख्ता बंदोबस्त करने का दावा किया गया था। ऑक्सीजन के प्लांट तो लगे, लेकिन विभाग इनका रखरखाव करना भूल गया है। एमएमजी अस्पताल में बने 10 हजार लीटर की क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट में आक्सीजन नहीं है क्योंकि इसकी रिफिलिंग के लिए बजट नहीं मिला है। लोनी, डासना, मोदीनगर और मुरादनगर स्वास्थ्य केंद्र पर लगे ऑक्सीजन प्लांट चालू ही नहीं हो पाए। संयुक्त जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट है जिसमें से दो ठीक हैं एक खराब है।