ऑनलाइन गेमिंग एप फोर्टनाइट के जरिये युवाओं के धर्मांतरण के मुख्य आरोपी शाहनवाज मकसूद खान उर्फ बद्दो (23) को कोर्ट ने 15 जून तक ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। बद्दो को कल महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने रायगढ़ जिले के अलीबाग में लॉज से गिरफ्तार किया था। उसे आज कोर्ट में पेश किया गया था।
धर्मांतरण मामला : पुलिस के 10 सवालों से होगा बद्दो का सामना
ऑनलाइन गेमिंग एप से धर्मांतरण कराने के मास्टरमाइंड शाहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो की गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस ने सवालों की फेहरिस्त तैयार कर रखी है। पुलिस अफसरों का मानना है कि अपनी तरह के इस अजब मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए बद्दो से पूछताछ बेहद जरूरी है। क्राइम ब्रांच ने दस सवाल तैयार कर रखे हैं। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी उससे पूछताछ करेंगी।
अगर वह सभी सवालों का सही जवाब दे देता है तो 15 से 17 साल उम्र के किशोरों को ऑनलाइन गेम के जाल में फंसाने से लेकर उनका धर्म परिवर्तन कराने तक का न केवल पूरा सिलसिला मिल जाएगा बल्कि यह भी साफ हो जाएगा कि उसके गिरोह के तार कहां तक फैले हुए हैं।
पुलिस की चुनौती उसका लैपटाप हासिल करने की भी है। यह अभी नहीं मिला है। इसी से पता चलेगा कि उसके जाल में अब तक कितने किशोर फंसे और वह कब से धर्मांतरण करा रहा है। वह 12वीं पास है लेकिन कंप्यूटर का महारथी है। उसे ऑनलाइन गेम के बारे में भी काफी जानकारी है।
भाई से मिला बद्दो का सुराग : पुलिस को जब बद्दो नहीं मिल रहा था, तब उसके भाई शाजेब और मां को हिरासत में लिया गया। मां से कुछ खास जानकारी नहीं मिला। भाई से पता चला कि बद्दो अलीबाग में एक लाज में नाम बदलकर रह रहा है। पुलिस लाज में पहुंची तो बद्दो जा चुका था। इसके बाद भाई ने उसके दोस्त का पता बताया। पुलिस अलीबाग में दोस्त के घर पहुंची तो बद्दो मिल गया।
कब क्या हुआ