नगर निगम ठेकेदार अब टेंडर लेने में भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। टेंडर के साथ ओरिजनल एफडीआर की बजाय ठेकेदार कलर्ड एफडीआर लगाकर ठेके लेने का प्रयास कर रहे हैं। वार्ड कोटे के 584 टेंडर खोले गए तो इनमें कई एफडीआर ऐसी ही मिली हैं। अब चीफ इंजीनियर ने इन एफडीआर के जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल, ठेकेदार को प्रत्येक टेंडर के साथ निर्धारित जमानत राशि की एफडीआर निगम में जमा करानी होती है। हाल ही में निगम के निर्माण विभाग ने 584 कार्यों के लिए टेंडर कॉल किए। इसमें एक-एक कांट्रेक्टर फर्म ने कई-कई काम के लिए टेंडर डाले।
कई फर्मों ने एक ही एफडीआर की कलर्ड फोटो कॉपी कई टेंडर के साथ लगा दी। अफसरों की आंखों में धूल झोंककर ठेका लेने की उनकी यह कोशिश पकड़ में आ गई। कर्मचारियों ने टेंडर खोले तो कई एफडीआर पर संदेह हुआ।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर आरके मित्तल ने बताया कि तीन एफडीआर अभी तक पकड़ में आई हैं। इनकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित बैंकों से इनकी डिटेल मंगाई जाएगी। एफडीआर में फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित फर्म का टेंडर निरस्त करने के साथ-साथ उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।
निगम सूत्रों की मानें तो इसी साल दो ठेकेदारों ने बड़े टेंडरों के साथ कलर्ड एफडीआर लगा दी थी। पकड़ में आने पर दोनों के टेंडर निरस्त कर दिए गए थे।