- शटडाउन लेकर क्षतिग्रस्त खंभे की मरम्मत कर रहा था संविदाकर्मी
- पिता ने लाइनमैन, ऑपरेटर व अवर अभियंता पर लगाया लापरवाही का आरोप, दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिबाबाद। वैशाली 33/11केवी उपकेंद्र पर क्षतिग्रस्त बिजली खंभा बदलने के दौरान मंगलवार को संविदाकर्मी 23 वर्षीय भारत निवासी हरसांव को करंट लग गया। हॉस्पिटल ले जाने पर संविदाकर्मी की मौत हो गई। संविदाकर्मी के पिता सतीश ने लाइनमैन, आपरेटर व अवर अभियंता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कौशांबी थाने में तहरीर दी।
संविदाकर्मी के पिता सतीश ने बताया कि बेटा भारत बिजली खंभा बदलने और हेडर से पोल लगाने के लिए गया था। लाइनमैन सतीश साइट पर शटडाउन लेकर काम करा रहा था। आरोप है कि सतीश ने उपकेंद्र के सबस्टेशन आपरेटर अनिल चौहान को लाइन चालू करने के लिए फोन कर दिया और लाइन को चालू कर दिया गया जबकि सतीश ने बेटे को जानकारी दी कि लाइन बंद करवा दी है लेकिन लाइन चालू थी। जैसे ही भारत ने खंभे को पकड़कर हेडर की सहायता से उसे लगवाने का काम शुरू किया। तभी खंभा लाइन से टच हो गया। इससे भारत को करंट लग गया। वहां मौजूद कर्मचारी भारत को नजदीक के चंद्रलक्ष्मी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां पर चिकित्सकों ने भारत को मृत घोषित कर दिया।
पिता ने की कार्रवाई की मांग, एसई को सौंपी जांच
पिता सतीश ने लाइनमैन सतीश कुमार, आपरेटर अनिल चौहान व जेई दिनकर सिंह को बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इनके आदेश पर ही बेटा काम करने के लिए गया था। लाइन बंद कराकर सुरक्षा के साथ काम कराने की जिम्मेदारी इन सभी की थी। फिर भी काम के दौरान लाइन चालू होने से कैसे हादसा हो गया। इससे साफ प्रतीत होता है कि इन सभी ने पूरी लापरवाही बरती। उन्होंने तीनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले में जांच कराई जा रही है। वहीं ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता अजय ओझा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पूरे मामले की जांच के अधीक्षण अभियंता एसई अखिलेश सिंह को जांच सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।