गंगाजल के नए प्लांट (50 क्यूसेक क्षमता) का निर्माण अब आचार संहिता खत्म होने के बाद अप्रैल में शुरू हो जाएगा। जल निगम के अधिकारियों ने प्लांट की डीपीआर तैयार कर इस पर शासन से स्वीकृति ले ली है।
240 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट से 37.5 क्यूसेक गंगाजल नोएडा और 12.5 क्यूसेक आवास विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार कालोनी को दिया जाएगा।
जल निगम ने आचार संहिता लागू होने से पहले ही इसके निर्माण के लिए टेंडर कॉल कर लिए थे, लेकिन अब आचार संहिता के चलते निर्माण अटक गया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता व गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि 100 क्यूसेक के पुराने प्लांट परिसर में ही यह नया प्लांट बनाया जाएगा।
इस बार आधुनिक ट्यूब सेटलर तकनीक पर इसका निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 240 करोड़ की लागत वाले इस प्लांट में 180 करोड़ रुपया नोएडा और 60 करोड़ रुपया आवास विकास परिषद देगा।
यानी जिस अनुपात में पानी मिलेगा उसी अनुपात में प्लांट की लागत भी वहन की जाएगी। उन्होंने बताया कि नए प्लांट के लिए लाइन बिछाने को एनएचएआई से भी मंजूरी मिल चुकी है।