विधानसभा चुनावों में सपा से गठबंधन के बावजूद कांग्रेस को लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। बीते रविवार को प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होने के साथ ही कांग्रेस में अंदरखाने निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा कलह लोनी और साहिबाबाद सीट को लेकर है।
साहिबाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी अमरपाल शर्मा को टिकट देने को लेकर कांग्रेस के साथ सपा में विरोध शुरू हो गया है। वहीं, लोनी से शेर नबी चमन को टिकट देने से कांग्रेसी भी हैरान हैं।लोनी में कांग्रेस प्रत्याशी शेर नबी चमन की क्षेत्र में पहचान पर खुद कांग्रेसी ही सवाल उठा रहे हैं।
दूसरी ओर रालोद प्रत्याशी मदन भैया के मुस्लिम वोटरों के एकतरफा बसपा प्रत्याशी जाकिर अली के पक्ष में वोटिंग को काटने के लिए शेर बनी चमन के रूप में मुस्लिम प्रत्याशी को आगे करने की चर्चा भी जोरों पर है। स्थानीय समीकरणों के बाद कांग्रेस की लोनी में राह आसान नहीं दिख रही है।
वहीं, साहिबाबाद सीट से अमरपाल शर्मा का नाम घोषित होने के बाद से ही कांग्रेस और सपा खेमे में अंदरखाने विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस से ज्यादा सपा के स्थानीय नेता अमरपाल शर्मा को गठबंधन प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा को पचा नहीं पा रहे हैं। गठबंधन से पहले सपा की ओर से प्रत्याशी बनाए सपा नेता वीरेंद्र यादव भी नाराज बताए जा रहे हैं।