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Ghaziabad: सात साल की बच्ची समेत नौ में डेंगू की पुष्टि, प्लेटलेट्स चढ़ाने की नहीं पड़ी जरूरत; ये हैं लक्षण

Mon, 14 Aug 2023 01:09 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

बुखार से ग्रसित 62 मरीजों की जांच में सात वर्ष की बच्ची और 60 वर्ष की बुजुर्ग महिला समेत नौ मरीजों में डेंगू बुखार और एक मरीज में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है।
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डेंगू से मौत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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बुखार से ग्रसित 62 मरीजों की जांच में सात वर्ष की बच्ची और 60 वर्ष की बुजुर्ग महिला समेत नौ मरीजों में डेंगू बुखार और एक मरीज में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में डेंगू के 98 और स्क्रब टाइफस के 14 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
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इस समय अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू के 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। एक डेंगू के मरीज की मौत हो चुकी है। जिला सर्विलांस अधिकारी (डीएसओ) डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि रविवार को मलेरिया विभाग की 45 टीमों ने 29 क्षेत्रों में 1383 घरों में सर्वे किया। 25 घरों में डेंगू लार्वा मिला। दो भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। 45 क्षेत्रों मेंं एंटी लार्वा स्प्रे किया गया।

इन क्षेत्राे में मिल चुके डेंगू के मरीज
लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर, भोजपुर, सिद्धार्थ विहार, करहेड़ा, राजेंद्र नगर, मेवला भट्टी, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली।

डेंगू बुखार मच्छर और वायरल वायरस से होता है
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि डेंगू बुखार एडीज मच्छरों के काटने से होता है और वायरल बुखार वायरस के संक्रमण से होता है। मौसम में बदलाव होने और नमी की वजह से कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। वायरल बुखार पांच से सात दिनों में स्वत: ठीक हो जाता है। डेंगू बुखार ठीक होने में सात दिन से ज्यादा समय लगता है। डॉ. आलोक का कहना है कि डेंगू और वायरल बुखार की समस्या में बुखार, मांसपेशियों में दर्द और संक्रमण लगभग समान ही होते हैं।
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डेंगू बुखार के लक्षण

बहुत तेज बुखार होता है। इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है।

मरीजों की त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं।

प्लेटलेट्स संख्या तेजी से कम होती है।

कई लोगों में रक्तचाप कम हो जाता है।

उल्टी, पेट दर्द और लिवर पर भी असर होता है।

प्लेटलेट्स चढ़ाने की नहीं पड़ी जरूरत
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि इस बार डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी नहीं हो रही है। अधिकांश मरीज घर पर ही स्वस्थ हो रहे हैं। अभी तक सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए किसी भी मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी है। इस समय संयुक्त अस्पताल में 11 मरीज भर्ती हैं। सभी की हालत में सुधार है।






इन क्षेत्रों में मिल चुके हैं डेंगू के लार्वा

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि लगातार डेंगू का लार्वा मिल रहा है। सर्वे अभियान में स्टाफ की संख्या बढ़ा दी गई है। डीएसओ ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम में नीति खंड, शक्ति खंड और ज्ञान खंड, कौशांबी, राजनगर एक्सटेंशन, नंदग्राम, सेवा नगर, घूकना, मरियम नगर, पंचवटी, करहेड़ा, शालीमार गार्डन, गोविन्दपुरम, हरसांव, पुलिस लाइन, शास्त्री नगर, चिरंजीव विहार, जीवन विहार, अवंतिका, गुलधर, नेहरूनगर द्वितीय, कविनगर, संजयनगर, राजनगर, प्रताप विहार, विजयनगर, रहीसपुर, तुराबनगर, लालकुआं, राजबाग, क्रॉसिंग रिपब्लिक, कैला भट्ठा, इस्लामनगर, कृष्णा नगर, शिवपुरी, ब्रज विहार, मिर्जापुर, विजयनगर, कोटगांव, लोनी क्षेत्र में मेवला भट्टी, मीरपुर, अलीपुर, मंडोला, पचायरा, टीला, मुरादनगर के गांव जलालपुर, डिडौली, नेकपुर, मनोली, सुराना, रजापुर ब्लॉक के नाहल, मथुरापुर, नगला, अटौर, कनौजा, मसूरी, मानकी, दीनानाथपुर, भोजपुर के गांव कलछीना, नाहली, नगला मूसा, रघुनाथपुर, रोरी, तलहेटा गांव में लार्वा मिला है।
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