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Delhi: दादी को चूना लगाने वाला पोता गिरफ्तार, जाली दस्तावेज से करोड़ों की संपत्ति बेची, साथी भी गिरफ्तार

Sun, 13 Aug 2023 10:03 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

आरोपी ने खुद को लाजपत नगर स्थित अपनी दादी की संपत्ति का जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) धारक बताकर शिकायतकर्ता से करोड़ों रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि संपत्ति मालकिन ने अपने पोते के नाम कोई जीपीए जारी नहीं किया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जाली दस्तावेज बनाकर दादी की करोड़ों की संपत्ति बेचने वाले एक प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को लाजपत नगर स्थित अपनी दादी की संपत्ति का जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) धारक बताकर शिकायतकर्ता से करोड़ों रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि संपत्ति मालकिन ने अपने पोते के नाम कोई जीपीए जारी नहीं किया है।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मधुर जैन और सर्वजीत सिंह के रूप में हुई है। साल 2023 में शिकायतकर्ता सत्यन कपूर ने शाखा में धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह लाजपत नगर इलाके में संपत्ति की तलाश कर रहे थे। इस दौरान वह एक प्रॉपर्टी एजेंट विजय मित्तल के संपर्क में आया। जिसने बताया कि लाजपत नगर में 350 वर्ग मीटर की एक संपत्ति बिक्री के लिए उपलब्ध है। 


विजय ने उनकी मुलाकात सर्वजीत सिंह और उसके सहयोगी सन्नी से करवाई। उसने बताया कि उषा रानी जैन संपत्ति की मालिक हैं और उनके पोते मधुर जैन जीपीए धारक हैं। उन्होंने बताया कि उषा रानी जैन संपत्ति को बेचने के लिए सहमत है। 17.50 करोड़ रुपये में संपत्ति का सौदा हुआ। साथ ही यह बताया गया कि संपत्ति पर हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड से ऋण है और यह आश्वासन दिया गया कि ऋण की पूरी राशि चुका दी जाएगी। 

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शिकायतकर्ता संपत्ति खरीदने के लिए सहमत हो गए। उन्होंने दो करोड़ उषा रानी और 1.50 करोड़ सर्वजीत के नाम पर अग्रिम राशि का भुगतान कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उषा रानी बताकर एक महिला से वीडियो कॉल पर बात करवाई। कुछ दिन बाद शिकायतकर्ता को उषा रानी की ओर से एक कानूनी नोटिस मिला। जिसमें बताया गया कि उन्होंने अपने पोते मधुर जैन के पक्ष में कोई जीपीए जारी नहीं किया था और जीपीए जाली और मनगढ़ंत है। इसके बाद उन्होंने शाखा में इसकी शिकायत की।

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