-18 से 24 अगस्त के बीच 50 संदिग्ध मरीजों की हुई जांच, सात में संक्रमण की पुष्टि
- मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर के मरीज भी बढ़े
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच गाजियाबाद में भी संक्रमण ने दस्तक दे दी है। पिछले एक सप्ताह में 50 संदिग्ध मरीजों की जांच में सात में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। सभी सात मामलों की पुष्टि निजी अस्पतालों में हुई है। इनमें से तीन का घर पर, जबकि चार का अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत में सुधार है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। एडवाइजरी जारी कर लोगों से स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय अपनाने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की गई है।
मौसम में बदलाव के साथ बुखार और वायरल के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को जिला एमएमजी अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में ही 359 मरीज बुखार और वायरल की शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसे में सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में समानता होने से मरीजों की निगरानी और समय पर जांच की जरूरत बढ़ गई है।
मौसम ठंडा होते ही बढ़ सकता है खतरा
आईएमए के प्रदेश सचिव व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसी बीच स्वाइन फ्लू के मामले सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि शरीर में ऐंठन, गले में खराश, लंबे समय तक बुखार और सांस लेने में परेशानी होने पर सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। मौसम के और ठंडा होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवतियों को अधिक खतरा
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। समय पर उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
ये लक्षण दिखें तो न करें लापरवाही
तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी, उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। लंबे समय तक बुखार रहने या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है।
जिले में जांच की व्यवस्था नहीं
स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे के बीच जिले में जांच की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। संदिग्ध मरीजों के नमूने दिल्ली या मेरठ भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने में लगने वाला समय मरीज के उपचार और निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले में जांच शुरू कराने की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं।