साहिबाबाद। दिल्ली के पालम इलाके में दर्दनाक हादसे से पूरा देश स्तब्ध है। आग में एक परिवार के ही 9 लोगों की जान चली गई। टीएचए में भी कई इलाके ऐसे हैं जहां नियमों को ताक पर रख कर आवासीय इमारतों के भूतल या फिर बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही हैं। जरा सी चूक लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
आवास विकास परिषद के अपने ही सर्वे में वसुंधरा में अवैध निर्माण की बात कही है। यह भी स्पष्ट है कि आवासीय इमारतों में नियम विरुद्ध यहां दुकानें और रेस्टोरेंट तक संचालित किए जा रहे है। इसकी फाइल लखनऊ भी भेजी गई, लेकिन आज तक न तो यह दुकानें खाली हो सकीं और न ही संचालकों से कंपाउंडिंग फीस ही जमा कराई जा सकी। वसुंधरा के साथ ही शालीमार गार्डन, इंदिरापुरम के न्यायखंड-अभयखंड में ऐसी सैकड़ों आवासीय इमारत हैं जहां बिना अनुमति बेसमेंट में कैंटीन की रसोई चलाई जा रही है। समय-समय पर अग्निशमन विभाग की ओर से ऐसी इमारतों और संस्थानों को नोटिस भी जारी किए गए। लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात जैसे ही रहे। यही वजह है कि खोड़ा जैसे इलाके में जहां बहुमंजिला इमारत बन ही नहीं सकती। इमारत भी बनी, फ्लैट बिके भी और जब यहां आग लगी और चार लोगों ने अपनी जान गंवा दी तब जाकर प्रशासन को इसके अवैध होने की जानकारी हुई। अब तक भी इस मामले में पीड़ितों को कोई राहत नहीं मिली है। सीएफओ राहुल पाल का कहना है कि खोड़ा में हमने नगर पालिका से सर्वे रिपोर्ट मांगी है जिससे मालूम हो सके कि यहां इस तरह कितने अवैध बहुमंजिला इमारत है। रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में आग के हादसे
03 मार्च 2026 खोड़ा के पांच मंजिला इमारत में लगी आग,चार की गई जान
19 जनवरी 2025 लोनी में तीन मंजिला इमारत में आग से सात लोगों की जा चुकी है जान
27 अक्तूबर 2025 टीला मोड़ घर में आग से हुई थी एक की मौत
12 जून 2024 लोनी के बेहटा हाजीपुर में आग से पांच लोगों की हुई थी मौत