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Ghaziabad News: हर माह 27 लाख वसूले, फिर भी कट गया बिजली कनेक्शन

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गाजियाबाद। ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के संचालन में गड़बड़झाले के संकेत मिले हैं। उद्यमियों का आरोप है कि प्लांट संचालन के नाम पर हर महीने करीब 27 लाख रुपये वसूलने के बावजूद संचालन समिति ने बिजली बिल जमा नहीं किया। नतीजतन करीब 4.97 करोड़ रुपये का बकाया होने पर ऊर्जा निगम ने प्लांट का बिजली कनेक्शन काट दिया। अब प्लांट डीजल जनरेटर के सहारे संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर उद्यमियों ने जांच की मांग की है। ट्रोनिका सिटी में 45 डाइंग फैक्टरियां संचालित हैं। इनसे निकलने वाले अपशिष्ट जल के शोधन के लिए छह एमएलडी क्षमता का सीईटीपी स्थापित किया गया था। वर्ष 2018 तक इसका संचालन यूपीसीडा करता था। इसके बाद स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया गया और वर्ष 2023 में प्लांट का संचालन संचालन समिति को सौंप दिया गया।
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समिति में कुल 10 निदेशक हैं, जिनमें आठ उद्यमी और यूपीसीडा के दो अधिकारी (जेई और एई) शामिल हैं। प्लांट के संचालन, बिजली बिल और अन्य खर्चों के लिए सभी 45 फैक्टरियों से हर महीने 60-60 हजार रुपये लिए जाते हैं। इस तरह समिति के पास प्रतिमाह करीब 27 लाख रुपये जमा होते हैं।

4.97 करोड़ का बकाया होने पर खुला मामला
उद्यमियों का आरोप है कि नियमित वसूली के बावजूद बिजली बिल जमा नहीं किया गया। मामला तब सामने आया जब 18 दिन पहले ऊर्जा निगम ने करीब 4.97 करोड़ रुपये का बकाया बताते हुए सीईटीपी का बिजली कनेक्शन काट दिया।
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तीन साल से ऑडिट नहीं, जांच की मांग
उद्यमियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों में संचालन समिति के खातों का ऑडिट भी नहीं कराया गया। उद्यमी संजय सिंह, राजेश कुमार व एके गुप्ता का आरोप है कि समिति की कार्यप्रणाली पारदर्शी नहीं रही और उद्यमियों से वसूले गए धन का हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। मामले को जिलाधिकारी के समक्ष भी उठाया जाएगा।

अधिकारी बोले
मामला संज्ञान में आया है। यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उद्यमियों से वसूली के बावजूद यदि बिजली बिल जमा नहीं किया गया है और किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-रविंद्र मांदड़, जिलाधिकारी

सीईटीपी पर करीब 4.97 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। फिलहाल प्लांट डीजल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बिजली बिल जमा क्यों नहीं किया गया, इसकी जांच कराई जाएगी।
-नवीन जैन, अधिशासी अभियंता, यूपीसीडा

सीईटीपी पर 1200 किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है। लंबे समय से बिल बकाया था। मार्च में आंशिक भुगतान हुआ था, लेकिन उसके बाद कोई भुगतान नहीं किया गया। बकाया 4.97 करोड़ रुपये होने पर कनेक्शन काट दिया गया।
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-सचिन, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम
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