मोदीनगर में तैनात रहे सीओ जगतराम जोशी की टेंशन बढ़ गई है। इस मामले में कोर्ट ने पुलिस की उस फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जोकि पुलिस ने सीओ के पक्ष में लगाई थी। साथ ही कोर्ट ने मोदीनगर थाना प्रभारी को आदेश दिया है कि एसएसपी के निर्देशन में इस मामले की दोबारा पड़ताल की जाए।
बता दें कि 4 अगस्त 2015 को मोदीनगर में रहने वाली सीबीआई कांस्टेबल और उसके ही पड़ोस में रहने वाली एक अन्य महिला को मोदीनगर पुलिस ने मारपीट और बदतमीजी करने का आरोप लगाकर जेल भेज दिया था।
दस दिन बाद जमानत पर छूटने के बाद महिला ने सीबीआई हेडक्वार्टर को इसकी सूचना दी थी। लेडी कांस्टेबल का कहना था कि सीओ जगतराम जोशी और उसके ड्राइवर रुपेश ने उन्हें पहले अपने घर बुलाया और फिर रेप करने का प्रयास किया।
उन्होंने शोर मचाया तो झूठे मामले में जेल भिजवा दिया। यह मामला मोदीनगर में काफी चर्चित रहा था। सीबीआई हेडक्वार्टर से पत्राचार के बाद इस मामले में तत्कालीन एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने सीओ और उनके चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
वादिनी के अधिवक्ता परविंदर नागर ने बताया कि पुलिस ने पिछले दिनों इस एफआईआर में सीओ और चालक को राहत देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसका उन्होंने कोर्ट में विरोध किया था। सोमवार को सीजेएम कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए।