गाजियाबाद। शहर को प्रदूषण से बचाने के लिए आरडब्ल्यूए फेडरेशन गाजियाबाद ने 200 सीएनजी बसें चलाने की मांग जिला प्रशासन से की। एडीएम सिटी ने उन्हें इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को फेडरेशन की जिला मुख्यालय पर शहर की समस्याओं और सुझाव के मुद्दे पर बैठक हुई। एडीएम सिटी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर निगम और जीडीए अधिकारी भी मौजूद रहे।
फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए प्रदूषण से जहरीली होती शहर की हवा और जल प्रदूषण के लिए सरकारी विभागों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
वायु प्रदूषण से कुछ हद तक निपटने के लिए शहर में 200 सीएनजी बसें चलाने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता कर रही एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल ने आरडब्ल्यूए के सुझावों पर अमल कराए जाने का आश्वासन दिया।
शहर में जल्द ही 200 सीएनजी सिटी बसें चलाने का भी आश्वासन दिया गया। आरडब्ल्यूए ने भूजल दोहन का मुद्दा उठाते हुए इस पर लगाम लगाने की अपील की। जल निगम ने पानी के लिए मीटर लगाने की मांग की गई।
बैठक में फेडरेशन के महासचिव अजय जैन, विनय गुप्ता, प्रीतम लाल, संध्या त्यागी, आरके आर्य, गोपाल माहेश्वरी, एडवोकेट अंशु, सुनीता भाटिया, अनुरंजना त्यागी, वीपी सिंह, अतुल त्यागी आदि शामिल रहे।
आरडब्ल्यूए की ओर से दिए गए कुछ अन्य सुझाव
उद्योगों, बैंकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कारपोरेट के सहयोग से शहर में 2000 सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
श्मशान घाट पर केवल मोक्षदा प्रणाली से दाह संस्कार किया जाए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीएम 2.5 को मोहन नगर चौराहे पर मापे और वास्तविक वायु प्रदूषण की जानकारी दे।
दूसरे गुट ने मीटिंग पर उठाए सवाल
आरडब्ल्यूए और प्रशासन की मीटिंग के विरोध में आरडब्ल्यूए के एक गुट के पदाधिकारियों ने बैठक पर एतराज जताया। उन्होंने डीएम ऑफिस में ज्ञापन दिया है। राजनगर एक्सटेंशन एओए के अध्यक्ष प्रमोद धनकड़ ने कहा कि मेरठ रजिस्ट्रार द्वारा टीपी त्यागी की आरडब्ल्यूए को कैंसल किया जा चुका है। मामला अब कोर्ट में है, ऐसे में वे आरडब्ल्यूए चेयरमैन पदाधिकारी के तौर पर बैठक नहीं कर सकते हैं।