मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते दिनों ऑक्सीजन की जरूरत मरीजों को पड़ी थी। इसको लेकर गाजियाबाद में ऑक्सीजन के नौ प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन प्लांट को लगाने का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही यह बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद गाजियाबाद ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। पूरे मेरठ मंडल में ऑक्सीजन के 35 प्लांट लगाए जाएंगे।
बीते दिनों केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वीके सिंह ने भी गाजियाबाद का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाए जाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। उन्होंने गाजियाबाद का ऑक्सीजन कोटा 53 मीट्रिक टन से बढ़ाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार और सीएसआर फंड के सहयोग से प्रदेश में ऑक्सीजन के 300 नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनमें 9 अकेले गाजियाबाद जिले में हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तर के और सीएचसी स्तर के सरकारी अस्पताल में यह प्लांट लगाए जाएंगे, इन पर काम भी शुरू हो चुका है।
बता दें कि बीते दिनों ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से गाजियाबाद में इसकी जमकर कालाबाजारी हुई थी। गाजियाबाद में एनसीआर के कई अन्य जिलों में मरीजों का भी इलाज चल रहा था। इसकी वजह से ऑक्सीजन की डिमांड और ज्यादा बढ़ गई थी। लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदने के लिए 20 से 40 हजार रुपये तक खर्च करने पड़े थे। इसके चलते अब गाजियाबाद में ऑक्सीजन के नौ प्लांट लगाए जा रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को इससे बेहतर ढंग से निबटने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की तीसरी लहर की आशंका के चलते गाजियाबाद समेत प्रदेश के हर जिले में पीडियाट्रिक आईसीयू (बच्चों का आईसीयू), महिलाओं व बच्चों के लिए एक डेडिकेटेड अस्पताल बनाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रदेश स्तर पर इसके लिए वृहद स्तर पर तैयारी चल रही है। एक दिन पहले ही प्रदेश के डॉक्टरों की टीम को आरएमएल, पीजीआई और केजीएमयू के विशेषज्ञों से वर्चुअल ट्रेनिंग दिलाई गई है।
उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से निबटने के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही है। प्रदेश में 102 नंबर की 2200 एंबुलेंस बच्चों और महिलाओं के लिए रिजर्व रहेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हम पहले भी दिमागी बुखार जैसी बीमारी से बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ चुके हैं और इससे होने वाली मौतों को रोका है। इस बीमारी से प्रभावित जिलों में बाल रोग विशेषज्ञों से लेकर आशाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दिलाई गई थी। अभी भी प्रदेश स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। शहरों में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में आ चुका है गाजियाबाद जिले में अब एक दिन में महज 269 पॉजिटिव केस आए हैं। गांवों में इसे नियंत्रित रखना है। उन्होंने कहा कि गांवों में भी लोगों को दवाओं की किट निशुल्क बांटी जा रही हैं। होम आइसोलेशन वाले मरीजों को निशुल्क टेली कंसलटेंसी दिलाई जा रही है।
पोस्ट कोविड मरीजों का निशुल्क होगा इलाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्लैक फंगस के साथ-साथ अन्य दिक्कतें हो रही हैं, जबकि उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है। उनके इलाज के लिए अलग अस्पताल निश्चित किया जाए और ऐसे मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाए।
हर तबके का ध्यान रख रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर तबगे का ध्यान रख रही है। केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने भी तय किया है कि अगले तीन माह तक करीब 15 करोड़ राशन कार्ड धारकों और जरूरतमंदों को निशुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार का राशन कार्ड निरस्त हो गया है और वह जरूरतमंद है तो सर्वे कराकर उसका राशनकार्ड बनाया जाए और खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू की वजह से जिन स्ट्रीट वेंडर्स, ठेला-पटरी दुकानदारों का रोजगार बंद हो गया है, उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये देने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। इससे करीब एक करोड़ लोग लाभांवित होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन के लिए चलेगा वृहद अभियान
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजियाबाद में अब तक 45 साल से ज्यादा आयु वर्ग वाले 3.45 लाख लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। 18 से 44 साल आयु वर्ग के 17822 लोगों को टीका लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भी टीकाकरण के लिए व़ृहद अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन का टारगेट तय किया जा रहा है। गांवों के लोगों को पंजीकरण की प्रक्रिया में परेशानी न हो इसके लिए गांवों में हर कॉमन सर्विस सेंटर में रजिस्ट्रे्शन कराया जाएगा। गांवों के लोगों को भी टीके का सुरक्षा कवच दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में टीकाकरण के लिए सेंटरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड पॉजिटिव को चिह्नित कर उचित इलाज देने के लिए कांट्रेक्ट ट्रेसिंग भी बढ़ाई जा रही है। प्रदेश में रोजाना करीब 4.5 करोड़ कोरोना टेस्ट कराए जा रहे हैं।