सिकरोड में रहने वाला महज आठ साल का एक बच्चा सक्षम डागर डेढ़ साल से ब्लड कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहा है। किराए की टैक्सी चलाकर बेटे का इलाज करा रहा उसका पिता कर्ज में डूब चुका है।
पिछले डेढ़ साल में ही अब तक वह अपने बेटे के इलाज पर 25 लाख रुपया खर्च कर चुका है। मंगलवार को महापौर से मदद मांगने पीड़ित अपने बेटे के साथ नगर निगम पहुंचा और मदद की गुहार लगाई।
सिकरोड़ गांव में रहने वाले रोहित डागर ने मेयर अशु वर्मा को बताया कि उसका मासूम बेटा ब्लड कैंसर से पीड़ित है। उसके इलाज में वह अब तक लाखों रुपये का कर्जदार भी हो चुका है। अब उसके पास बेटे का इलाज कराने को कोई पैसा नहीं है।
पीड़ित का कहना था कि मुरादनगर में बीते दिनों ऐसे ही दो बच्चों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से छह लाख रुपये का चेक दिया गया है। ऐसे में अब उसे भी बेटे की जिंदगी की उम्मीद जगी है।
रोहित डागर ने बताया कि करीब दो साल पहले सक्षम की नाक के पास पस पड़ गया था। उस वक्त उसका इलाज कराया गया और वह ठीक हो गया। कुछ दिनों बाद फिर वह बीमारी लौट आई। अब डेढ़ साल से उसका महंगा इलाज चल रहा है।
उसके पिता का कहना है कि डॉक्टरों ने अब उसे विदेश में बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी है। इसके बाद सक्षम हमेशा के लिए ठीक हो सकता है। विदेश जाने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने के लिए रोहित के पास पैसा नहीं है, लेकिन हौसला है।
उसका कहना है कि बेटे को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उधर, महापौर अशु वर्मा का कहना है कि वह सक्षम की आर्थिक मदद नगर निगम से कराएंगे और प्रधानमंत्री व सीएम को भी चिट्ठी भेजेंगे।