एक महीने का विशेष सफाई अभियान नगर निगम को प्रदेश में अलग पहचान दिला सकता है। यूपी के चीफ सेक्रेटरी ने शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी निकायों को यह विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।
इस अभियान की हकीकत निगम अधिकारी खुद नहीं बताएंगे, बल्कि डीएम की विशेष कमेटी जांच कर सबसे साफ और सबसे गंदे तीन-तीन वार्ड चयनित करेगी। साफ वार्डों के लिए जहां कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं गंदे वार्डों के लिए कर्मचारियों को दंडित भी किया जाएगा।
इस अभियान की शुरुआत 16 अगस्त से हो चुकी है, जोकि 15 सितंबर तक पूरे नगर निगम क्षेत्र में चलाया जाएगा। सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम को जरूरत के मुताबिक आउट सोर्सिंग पर कर्मचारियों की तैनाती करने की भी मंजूरी दी गई है।
एक महीने के अभियान के दौरान न केवल वार्डों में बेहतर साफ-सफाई करानी होगी, बल्कि खस्ताहाल पार्कों की दशा सुधारने और टूटे नाले-नालियों को रिपेयर कराकर जल निकासी की व्यवस्था भी निगम को करानी होगी।
तीन सबसे स्वच्छ वार्डों को मिलेगी रैंकिंग
अभियान के अंत में तीन सबसे स्वच्छ वार्डों को चयनित किया जाएगा। उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय रैंक दिया जाएगा। नगर निगम अपने संसाधनों से इन वार्डों में काम करने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों को पुरस्कृत करेगा।
वहीं सबसे खराब तीन वार्डों को चिह्नित कर उनमें काम करने वाले कर्मचारियों को दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारी बोले
शासन के निर्देशों के मुताबिक शहर में 16 अगस्त से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रतिदिन वार्डों में सफाई करा कूड़ा लिफ्ट कराया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा वार्डों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त।