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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण: गाजियाबाद ने लगाई 10 अंक की छलांग, हासिल किया 12वां स्थान, इन बिंदुओं पर हुआ मूल्यांकन

Tue, 09 Sep 2025 11:14 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद को रैंकिंग में और ऊपर लाने के लिए निगम के साथ-साथ अन्य विभागों को भी प्रयास करना होगा। निगम के अधिकारियों की मानें तो गाजियाबाद के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने से रैंकिंग का और बेहतर किया जा सकता है।
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गाजियाबाद शहर का नजारा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 का परिणाम जारी हो गया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में गाजियाबाद ने रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में 10 स्थानों की बढ़त लेते हुए 12वां स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले वर्ष 2024 में गाजियाबाद 22वें स्थान पर रहा। इसके बाद से ही निगम की टीम रैंकिंग सुधार के लिए कार्य करने में जुट गई थी।

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सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के सर्वेक्षण में यूपी के आगरा ने टॉप 5 में अपनी जगह बनाई है। आबादी के मुताबिक शहरों को वर्गीकृत किया गया था। 3 श्रेणियों में 4 शहरों ने टॉप फाइव में जगह सुनिश्चित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीपीए) के तहत यह वार्षिक सर्वेक्षण किया गया। इसमें शहरों की वायु गुणवत्ता के लिए सुधारात्मक उपायों का मूल्यांकन किया गया। श्रेणी एक में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर शामिल थे। इसमें इंदौर पहले, जबलपुर दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर रहा। 

श्रेणी दो में वे शहर थे, जिनकी आबादी तीन से 10 लाख के बीच थी। इसमें अमरावती को पहला, मुरादाबाद को दूसरा और झांसी को तीसरा स्थान मिला। तीन लाख से कम आबादी वाले शहर तीसरी श्रेणी में थे। इनमें देवास को पहला, परवनु को दूसरा और अंगुल को तीसरा स्थान मिला है। नगर निगम ने 198 अंकों के साथ रिपोर्ट जमा की थी, लेकिन जब फाइनल स्कोर जारी किया गया, तो गाजियाबाद को 183 अंक ही मिले। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम की ओर से वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। आगे और सुधार के कार्यों को तेज किया जाएगा। ताकि गाजियाबाद को टॉप पांच में लाया जा सके।

इन बिंदुओं पर हुआ मूल्यांकन-
- बायोमास और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट जलाने 20 अंक

- सड़कों की धूल 20 अंक
- निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट से निकलने वाली धूल 5 अंक

- वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन 20 अंक
- उद्योगों से निकलने वाला उत्सर्जन 20 अंक- अन्य उत्सर्जन 10 अंक

- सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी गतिविधियां व जन जागरूकता 2.5 अंक
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यहां रह गई कसक
शहर को रैंकिंग में और ऊपर लाने के लिए निगम के साथ-साथ अन्य विभागों को भी प्रयास करना होगा। निगम के अधिकारियों की मानें तो गाजियाबाद के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने से रैंकिंग का और बेहतर किया जा सकता है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को मानक के अनुरूप लाने से ही रैंकिंग और बेहतर हो सकेगी। निगम की ओर से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। शहर में चल रहे भवन निर्माण के कार्यों को भी संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार कराने से ही शहर की रैंकिंग में सुधार हो सकेगा।
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