नगर निगम हल्द्वानी की तर्ज पर शहर में 500 अंडरग्राउंड डस्टबिन बनाएगा। यह डस्टबिन पूरी तरह जमीन के नीचे और ढके होंगे। जमीन के ऊपर सिर्फ लैटर बॉक्स की तरह स्टील का एक डिब्बा दिखेगा। पहले निगम ने ट्रायल के तौर पर ऐसे पांच डस्टबिन बनाने की प्लानिंग की थी, अब 500 डस्टबिन का प्रपोजल तैयार किया गया है।
यह प्रपोजल प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत फंड की डिमांड की जाएगी।तीन क्यूबिक मीटर क्षेत्रफल वाले प्रत्येक अंडरग्राउंड डस्टबिन के निर्माण पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। महापौर अशु वर्मा, नगर आयुक्त अब्दुल समद, चीफ इंजीनियर आरके मित्तल और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉगे।
आरके यादव के बीच शुक्रवार को इस योजना पर करीब एक घंटा मंथन हुआ। महापौर ने बताया कि 500 डस्टबिन निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। इस डस्टबिन को बनाने के लिए जमीन में 3 मीटर लंबा, एक मीटर चौड़ा और एक मीटर गहरा गड्ढा खोदकर उसे आरसीसी से पक्का किया जाएगा।
इसमें स्टील से बना एक डस्टबिन रखकर ऊपर से बंद किया जाएगा। ऊपर से कूड़ा डालने के लिए इसमें स्टील के दो बॉक्स बनाए जाएंगे। डस्टबिन भर जाने पर एक विशेष प्रकार की गाड़ी से उसे बाहर निकालकर कूड़ा निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन डस्टबिन को बनाने के लिए 500 स्थल जल्द ही चिह्नित कर लिए जाएंगे।
यह प्रस्ताव ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत केंद्र सरकार को भेजकर फंड की डिमांड की जाएगी। इन कूड़ाघरों के बन जाने से शहर पूरी तरह कूड़ा मुक्त हो जाएगा। सड़कों पर कचरा दिखाई नहीं देगा।