जनपद गाजियाबाद के गोविंदपुरम में स्थित पंचशील सोसाइटी के पास रहने वाले कुलदीप ने बताया कि उनके पड़ोस में मनोज कुमार गुप्ता (40) अपने परिवार के साथ रहते थे। मनोज दवा निर्माता कंपनी सिप्ला में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और यूपी हेड का दायित्व संभाल रहे थे।
कंपनी के काम के चलते वह दो दिन पहले कानपुर गए थे। शनिवार शाम को पांच बजे कानपुर से गाजियाबाद के लिए वह शताब्दी एक्सप्रेस में बैठे। इसके बाद रविवार सुबह उनका शव खुर्जा जंक्शन से आगे देहात थाना क्षेत्र स्थित कमालपुर-दौसपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिला। उनके हाथ, सिर व पैर में चोट थी। पुलिस ने परिजनों व उनको हादसे की सूचना दी।
वहीं खुर्जा देहात थाना प्रभारी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ट्रेन से गिरने से मौत हुई है। शरीर में चोट के निशान गिरने के कारण हाथ, पैर व सिर में आए हैं। शव के पास मिले कागजों से उनकी पहचान हो सकी। वहीं परिजनों के अनुसार वह शनिवार शाम को शताब्दी एक्सप्रेस से गाजियाबाद आ रहे थे। रात की घटना के कारण किसी को शव नजर नहीं आया। इसी के चलते सुबह इसकी जानकारी हो सकी।