स्कूटी पर अपनी मां के साथ जा रहे छात्र की गर्दन में चाइनीज मांझा उलझ गया। इससे छात्र की गर्दन में गहरा घाव हो गया। उसकी गर्दन में चार टांके आए हैं।
देवांश शेठी (18) पुत्र देवेंद्र शेठी परिवार के साथ भूडभारत नगर में रहता है।
देवांश ने इसी साल 12वीं कक्षा पास की है। वह सोमवार शाम अपनी मां पूनम सेठी के साथ स्कूटी से प्रताप विहार से घर लौट रहा था। मिलिट्री ग्राउंड के पास कटी पतंग को लूट रहे बच्चों ने पतंग का मांझा पकड़ लिया।
बच्चे पतंग लूटने के चक्कर में मांझे को खींच रहे थे। तभी सड़क पार कर रहे देवांश के गले में मांझा उलझ गया और दोनों मां-बेटे स्कूटी से गिर पड़े। मां ने घायल बेटे को राहगीरों की मदद से आस्था नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां देवांश की गर्दन में चार टांके आए।
पिता देवेंद्र ने बताया कि देवांश को मंगलवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने बताया कि देवांश ने मांझे को देखकर तुरंत ब्रेक मारा। अगर स्कूटी की गति तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एसओ विजयनगर ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई है। हालांकि पुलिस इलाके में दुकानों पर चाइनीज मांझे की चेकिंग कर दुकानदारों पर कार्रवाई कर रही है।
8 जुलाई को चाइनीज मांझे ने ली थी प्रॉपर्टी डीलर की जान
ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर 8 जुलाई शाम करीब छह बजे चाइनीज मांझे ने बाइक सवार प्रॉपर्टी डीलर की जान ले ली थी। योगेश शर्मा पुत्र खेमचंद शर्मा, निवासी आजाद मंडी, दिल्ली के रहने वाले थे।
वह बाइक से सिकंदराबाद से दिल्ली जा रहे थे। घंटाघर के पास ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर मांझे से उनकी गर्दन कट गई थी।
प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक रहा है चाइनीज मांझा
जिले में चाइनीज मांझे पर छह माह से बैन लगा है। इसके बावजूद इसकी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। बता दें कि चाइनीज मांझे से गाजियाबाद से पहले दिल्ली, मुरादाबाद, जयपुर आदि जगह हादसे हो चुकेहैं। हैरत की बात यह है कि गाजियाबाद में एक मौत होने के बावजूद प्रशासन ने इसकी बिक्री रुकवाने की दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
चाइनीज मांझे में होता है प्लास्टिक
पतंग कारोबारी बताते हैं कि चाइनीज मांझे में प्लास्टिक होता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। इसमें धार भी होती है। बाजार में मिलने वाले सभी मांझे घातक होते हैं, लेकिन इनमें चाइनीज मांझा सबसे खतरनाक होता है। करीब छह साल से भारत में यह बिक रहा है।