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Ghaziabad News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से बच्चों का टीकाकरण प्रभावित

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गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों के टीकाकरण पर पड़ रहा है। एएनएम के कार्य बहिष्कार में शामिल होने से नियमित टीकाकरण की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। जिले में पहले रोजाना दो से ढाई हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाता था, लेकिन हड़ताल के कारण कई दिनों से बड़ी संख्या में बच्चे टीके लगवाने से वंचित हो रहे हैं। समय पर टीकाकरण नहीं होने से बच्चों को विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचाने की व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है।


जिले में 32 कोल्ड चेन के माध्यम से 52 केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा था। स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते इनमें से अधिकांश केंद्रों पर टीकाकरण प्रभावित है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ केंद्रों पर टीकाकरण जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चों को जरूरी टीके लगवाने में अधिक परेशानी न हो।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि जिले में 15 केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इनमें मुरादनगर, भोजपुर, डासना के चार केंद्र और लोनी के तीन केंद्र शामिल हैं। जिन बच्चों के टीके लगने का समय हो गया है, उनके अभिभावक इन केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण करा सकते हैं।
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मांगों पर निर्णय नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले पांच अक्तूबर से कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों ने संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में धरना देकर अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध जताया। संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक संजय यादव ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, लॉयल्टी बोनस और अन्य लंबित मांगों का समाधान शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। शासन और संबंधित अधिकारियों को उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो सकें। धरने में संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शिवा शर्मा, डॉ. रचना, डॉ. विमल रस्तोगी, डॉ. प्रमोद त्यागी, मंजुला यादव, राजेंद्र यादव, गौरव मिश्रा, प्रणेश दूबे और राघवेंद्र चौहान समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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