लोनी। अयूब और फरजाना में लड़ाई-झगड़ा तो पहले से होता था लेकिन पिछले एक सप्ताह में दोनों के बीच झगड़ा ज्यादा होने लगा था। शनिवार रात को परिवार में अच्छा माहौल था। मां और बेटियां कपड़ों पर सिलाई का काम खत्म कर सोने की तैयारी कर रही थी। अयूब रात करीब 10 बजे तक घर नहीं आया था। बच्चे और फरजाना उसकी का इंतजार कर रही थी लेकिन पति ने घर आकर उसकी जान ले ली। बेटे ने पिता अयूब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
फरजाना की बेटी अर्शी ने बताया कि वह अपनी दोनों बहनों के साथ अंदर वाले कमरे में थी। उनके पिता घर में आए। तभी बाहर के कमरे से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। फरजाना बच्चों से मदद की गुहार लगाने लगी। तीनों बेटियां तुरंत बाहर निकल कर आईं। उन्होंने अपने पिता अयूब के पैर पकड़कर रोकने की कोशिश की लेकिन उसने तीनों को धक्का देकर गिरा दिया और फरजाना पर फावड़े से वार करने लगा। अर्शी ने हिम्मत जुटाई और अपनी मां को बचाने के लिए पिता से भिड़ गई। हाथापाई में फावड़ा अर्शी के हाथ में लग गया। फरजाना के छह साल के बेटे अयान के भी चोट लग गई। उन्होंने बताया कि अयूब इतना गुस्से में था कि जब तक फरजाना मर नहीं गई तब कर वह फावड़े से वार करता रहा। अर्शी के हाथ में फावड़ा लगने पर उसे दोनों बहनों ने अपने पास खींच लिया। तीनों बहनें अपने पिता से अपनी मां की जिंदगी की भीख मांगती रहीं। बेटियां बोलती रहीं कि अबू अम्मी को मत मारो, वह मर जाएंगी लेकिन अयूब का दिन नहीं पसीजा। मारने के बाद वह घर से पैदल ही रात के अंधेरे में खून से सने कपड़ों में भाग गया। वह किस तरफ भागा किसी ने नहीं देखा।
फोटो लेकर रात भर बाइक पर पुलिस टीम तलाश करती रही
एसीपी सूर्यबली मौर्या ने बताया कि आरोपी घर से पैदल ही भागा था। परिजनों ने इसकी जानकारी दी। बाइक पर तैनात करीब 10 अलग-अलग टीमें आरोपी की फोटो लेकर उसे तलाश करने लगी हैं। पुलिस टीम को लगा कि वह पैदल ज्यादा दूर नहीं जा पाएगा। इसके लिए पूरी रात रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत अन्य स्थानों पर तलाशी की लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस को शक है वह लोनी में ही कहीं छिपा बैठा है। टीमें आरोपी के दोस्त, रिश्तेदारों और उसके ठिकानों पर तलाश कर रही हैं।