इस बार डेंगू और चिकनगुनिया से लोग बेहाल हैं। सोमवार कोे चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 100 के पार हो गया। वहीं, अस्पतालों में बुखार और चिकनगुनिया के मरीजों की भरमार है। वार्डों में जगह नहीं है। ऐसे में अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों को बेंच तक पर लेटना पड़ रहा है।
सोमवार को चिकनगुनिया के 93 सैंपल टेस्ट के लिए पहुंचे थे, जिनमें से 13 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनको मिलाकर अब तक चिकनगुनिया के 109 मरीजों की पुष्टि हो गई हे। वहीं, डेंगू के अब तक 92 मरीजों में पुष्टि हुई है। सोमवार को एमएमजी अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही।
पर्ची काउंटर से लेकर इमरजेंसी के गेट पर बुखार के मरीज यहां वहां लेटे दिखाई दिए। फिजिशियन के पास और इमरजेंसी में भी बुखार के मरीजों की भीड़ के कारण मरीजों को चेकअप और इलाज के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल में भी इमरजेंसी के वार्ड भी चिकनगुनिया के मरीजों से फुल हैं।
सीएमएस डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि अभी भी सबसे अधिक बुखार के मरीजों की संख्या है।
नीम व गिलोय जूस की बढ़ी बिक्री
चिकगनुनिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही बाजारों में नीम व गिलोय के जूस की मांग बढ़ गई है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के दावे के मुताबिक बुखार में नीम व गिलोय का जूस पीने से प्लेट्लेट बढ़ता है। स्वदेशी फार्मेसी के संचालक आरके आर्य ने बताया कि सबसे अधिक मांग गियोल के जूस की है।