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केमिस्ट्री का असाइनमेंट पूरा न होने पर आर्ची ने छोड़ा था घर

Sat, 18 Feb 2017 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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आर्ची के मामले की जानकारी देते एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
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स्कूल में केमिस्ट्री का असाइनमेंट पूरा नहीं होने पर टीचर की डांट के डर से शक्ति खंड-3 निवासी सीए की 12 वर्षीय बेटी आर्ची घर छोड़कर गई थी। हालांकि पुलिस अभी यह पता नहीं लगा सकी है कि वह गाजियाबाद से हिमाचल प्रदेश के पालमपुर तक कैसे पहुंच गई।
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वहीं, अभी इस बात का खुलासा भी नहीं हुआ है कि आर्ची ने हिमाचल पुलिस को अपना नाम और पता गलत क्यों बताया। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि आर्ची को लेने के लिए परिजनों के साथ रवाना हुई पुलिस टीम शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे कांगड़ा के चाइल्ड केयर सेंटर पहुंच गई है।

स्थानीय पुलिस से जानकारी मिली है कि 14 फरवरी की दोपहर ही लोगों की सूचना पर पालमपुर पुलिस ने आर्ची को पालमपुर बस अड्डे से बरामद कर लिया था। हालांकि पूछताछ में उसने अपना नाम टीना बताते हुए खुद को हरिद्वार के एक अनाथ आश्रम का निवासी बताया था।
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आर्ची यादव - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने उसे चाइल्ड केयर संस्था के सुपुर्द कर दिया, जहां उसकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है। काउंसलिंग में उसने यह कहा है कि वनस्थली स्कूल में उसे फिजिक्स और केमिस्ट्री का असाइनमेंट दिया गया था। फिजिक्स का असाइनमेंट तो उसने कर लिया मगर केमिस्ट्री का असाइनमेंट अधूरा रह गया।

उसकी स्कूल की टीचर ने उसे समझाया था कि समय से इसे भी पूरा कर ले। आर्ची ने बताया कि उसे डर था कि अगले दिन टीचर उसे डांटेंगी, जिसके डर से वह घर से भाग गई। एसपी सिटी का कहना है कि आर्ची काफी घबराई हुई है और यह नहीं बता पा रही कि पालमपुर कैसे पहुंची।

उसके लौटने के बाद बयान कराए जाएंगे, जिसके बाद घटना की गुत्थी पूरी तरह सुलझ जाएगी। पुलिस के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को शनिवार शाम तक यहां लाया जा सकेगा, जिसके बाद उसके बयान लिए जाएंगे।

आर्ची ने चार बार बदले बयान

आर्ची यादव की मां - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी ने बताया कि आर्ची ने पालमपुर पुलिस को अनाथ होने की बात बताई थी। इसके बाद चाइल्ड केयर कमेटी और मजिस्ट्रेट के सामने भी उसने अपना नाम टीना देवी बताते हुए खुद को अनाथ बताया और कहा कि अनाथ आश्रम में रहने वाले सुमन और सुरेश उसे मारते हैं, जिनसे बचने के लिए वह भागी।

चाइल्ड केयर ने काउंसलिंग की तो उसने बयान बदलते हुए कहा कि घर के बाहर से ही एक महिला सम्मोहित कर उसे पालमपुर ले आई। इसके कुछ ही देर बाद फिर बयान बदकर कहा कि घर के बाहर से दो कोरियर ब्वॉय उसे किडनैप करके यहां लेकर आए और छोड़कर फरार हो गए।

चाइल्ड केयर वालों ने शुक्रवार को जब आर्ची के माता-पिता के वहां पहुंचने पर पूछताछ की तो उसने बताया कि केमिस्ट्री असाइनमेंट पूरा नहीं होने पर टीचर की डांट के डर से वह भागी थी। पुलिस के अनुसार घबराहट में वह गलत बयान दे रही है।

नहीं मिला अपहरण का कोई सुराग

बेटी आर्ची यादव के ना म‌िलने पर रोती ब‌िलखती उसकी मां - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी ने बताया कि सोमवार को करीब ढाई बजे आर्ची की मां उसकी बड़ी बहन को लेने के लिए बस स्टॉप तक गईं थी। दोपहर 2:51 बजे मां सुधा ने कॉल कर आर्ची को बताया कि बहन की बस आने में देरी है, वह केले खा ले। 02:54 बजे आर्ची घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में भागती नजर आ रही है।

इस दौरान आर्ची के घर के लैंडलाइन से न तो कोई कॉल हुई और न ही कोई कॉल आई। सीसीटीवी कैमरे में भी वह अकेली ही जाती नजर आ रही है। आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों में भी किसी युवक या महिला का सुराग नहीं लगा। ऐसे में मामला अपहरण का नहीं लग रहा है।

मनोचिकित्सक बोले
मनोचिकित्सक डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने बताया कि अक्सर बच्चे अपने दिल की बातें परिजनों से शेयर नहीं करते। परिजनों अथवा स्कूल टीचरों के डर से इस तरह के बड़े कदम उठा लेते हैं। परिजनों को चाहिए कि बच्चों से एक दोस्ती भरा रिश्ता रखें। उनकी गलतियों पर डांटेे-मारें नहीं बल्कि उन्हें समझाएं।
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पिता बोले-बेटी का हुआ अपहरण, पुलिस बोली-खुद गई

archi yadav - फोटो : अमर उजाला
पुलिस भले ही केमिस्ट्री असाइनमेंट पूरा नहीं होने पर आर्ची के खुद घर छोड़ने की बात कह रही हो मगर पिता सीए सुभाष यादव का कहना है कि बेटी ने उन्हें बताया कि दो महिलाओं ने उसे सम्मोहित कर उसका अपहरण किया था।

पुलिस बच्ची पर दबाव बनाकर अपहरण की बात को नकारना चाहती है जबकि उनकी मांग है कि बच्ची के अपहरण करने वाली महिलाओं को पकड़ा जाए। वह हिमाचल से लौटकर सभी बातें आला अधिकारियों के सामने रखेंगे।

 पिता का कहना है कि एक दिन पहले तक पुलिस ही दावा कर रही थी कि बेटी का किसी आसपास के व्यक्ति ने ही अपहरण किया है। ऐसे में अब पुलिस क्यों अपनी थ्योरी से पलट रही है। उधर, आर्ची के गायब होने के बाद अपहरण की आशंका पर तीन दिन से लगातार दौड़ रही पुलिस अपहरण की थ्योरी को पूरी तरह नकारती दिखी।

एसपी सिटी ने बताया कि आर्ची के स्कूल की टीचर्स से भी वेरीफाई किया गया है। उन्होंने भी इस बात की तस्दीक की है कि आर्ची केमिस्ट्री असाइनमेंट पूरा नहीं होने के चलते परेशान थी। इसके अलावा 13 फरवरी को स्कूल से आने के बाद वह अपने फ्लैट के नीचे वाले फ्लैट में रहने वाले बुजुर्ग के साथ बैठी थी। उन्होंने भी बताया है कि वह स्कूल से आने के बाद परेशान लग रही थी।  
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