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कॉल सेंटर में की नौकरी फिर शुरू किया ठगी का कामदो हजार लोगों को ठगने वाले गिरोह की तीन महिलाएं गिरफ्तार

सार

दो हजार लोगों को ठगने वाले गिरोह की तीन महिलाएं गिरफ्तारगाजियाबाद।गिरोह की सरगना पूर्व में कॉल सेंटर में काम कर चुकी है।पूछताछ में शातिरों ने बताया कि ये करीब दो हजार लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी हैं।
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दो हजार लोगों को ठगने वाले गिरोह की तीन महिलाएं गिरफ्तार
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गाजियाबाद। साइबर सेल ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, प्वाइंट रिडिम कराने और केवाईसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक नाबालिग किशोरी भी है। ये पांच साल से ठगी का काम कर रही थीं। पुलिस से बचने के लिए 20 से 25 दिन में अपना ठिकाना बदल देती थीं। गिरोह की सरगना पूर्व में कॉल सेंटर में काम कर चुकी है।
सीओ साइबर क्राइम अंशु जैन ने बताया कि पकड़े गईं शातिर इटावा के लालपुरा निवासी ज्योति और नेहा हैं। हाल में दोनों नोएडा के सेक्टर पांच हरोला में रह रही थीं। इनके गिरोह में एक नाबालिग किशोरी भी है। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि ये करीब दो हजार लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी हैं। जिन लोगों के पास क्रेडिट कार्ड होते हैं उन्हें कॉल करके उनकी लिमिट बढ़ाने, केवाईसी कराने और उनके कार्ड के प्वाइंट रिडिम कराने के नाम पर विभिन्न शुल्क के नाम पर रुपये खाते में मंगवाते थे और फोन हैक करके भी उनके खाते खाली करती थीं। पुलिस ने इनके पास से 12 मोबाइल फोन, एक लेपटॉप, एक टेबलेट, एक पासबुक, चार डेबिट कार्ड, चार आधार कार्ड, सिम कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है।
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बीए पास है सरगना, कॉल सेंटर में कर चुकी है नौकरी
सीओ ने बताया कि गिरोह की सरगना ज्योति है। वह बीए पास है। पूर्व में वह अलग-अलग कंपनियों के कॉल सेंटर में काम कर चुकी हैं। पूछताछ में उसने बताया कि उसने वहीं से लोगों से बात करने का तरीका सीखा। इसके बाद उसने नौकरी छोड़कर पति के साथ ठगी का काम शुरू कर दिया। कॉल करने के लिए नेहा व अन्य कई लड़कियों को आठ से दस हजार रुपये वेतन पर रखा हुआ है। आकाश क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के मोबाइल नंबरों का डाटा उपलब्ध कराता था।
असम और पश्चिम बंगाल से मंगवाते थे सिम कार्ड
साइबर सेल प्रभारी सौरभ विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि ज्योति अपने पति के गजेंद्र और उसके साथी आकाश के साथ मिलकर ठगी का काम कर रही थी। गजेंद्र और आकाश फर्जी पते के पहचान पत्र तैयार कर सिम कार्ड और बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। असम, पश्चिम बंगाल समेत अन्य कई राज्यों से वह फर्जी आईडी के सिम कार्ड मंगवाते थे और उनसे लोगों को फोन कॉल करते थे।
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एक दिन में करते थे 400-500 लोगों को कॉल
गिरोह के कॉलर एक सिम कार्ड से एक दिन में 400-500 लोगों को फोन कॉल करके स्कीम समझाते थे और जाल में फंसाते थे। जो उनके जाल में फंस जाता था। उससे ठगी करने के बाद सिम को बंद कर देते थे।
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