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चैरिटेबल अस्पताल बनेगा, एफओबी पर एस्केलेटर लगेगा

Thu, 10 Nov 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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नगर ‌निगम - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में शहर के लोगों को कई सौगातें मिलीं तो बीओटी फर्मों पर जमकर डंडा चला। हंगामे के बीच हुई इस बैठक में नगर निगम और चैरिटेबल संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ‘नीमा’ के ज्वाइंट वेंचर में अस्पताल संचालित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई।
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वहीं एफओबी निर्माण में धांधली कर लिफ्ट-एस्केलेटर की बजाय अनुबंध में रैंप दर्शाए जाने का आरोप लगाकर पार्षदों ने जमकर विरोध किया। अब बीओटी फर्मों से एफओबी में लिफ्ट या एस्केलेटर लगाए जाएंगे।महापौर अशु वर्मा की अध्यक्षता और नगर आयुक्त अब्दुल समद की मौजूदगी में हुई बोर्ड बैठक में शुरूआत से ही हंगामा हुआ।

इसके बाद प्रस्तावों पर मंथन हुआ तो निगम बोर्ड ने संस्था नीमा के साथ ज्वाइंट वेंचर में चैरिटेबल अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। नगर निगम अस्पताल के लिए जमीन देगी और संस्था बिल्डिंग का निर्माण करेगी। निगम पार्षदों ने फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की समीक्षा की तो फिर माहौल गरमा गया।
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पार्षद अनिल स्वामी ने एफओबी के निर्माण में धांधली और मुकेश त्यागी ने अनुबंध की शर्तों में गुपचुप बदलने का आरोप लगाया। पूर्व अधिकारियों ने सदन में एफओबी पर लिफ्ट या एस्कलेटर लगाने की बात कही थी, अब लोहे के रैंप बनाने की बात कह रहे हैं।

पार्षद धीरेंद्र यादव ने कहा कि रैंप पर बुजुर्ग, दिव्यांग नहीं चढ़ सकेंगे। उन्होंने महापुरुषों की मूर्तियों की सफाई न कराए जाने का आरोप लगाया। पार्षद अनिल स्वामी ने कहा कि बीओटी फर्मों के अनुबंध पत्रों की जांच की जाए और ठेकेदारों को एक मौका देकर उनसे लिफ्ट या एस्केलेटर लगवाए जाएं, अन्यथा ठेका निरस्त कर दूसरी फर्म को काम दिया जाए।

नगर आयुक्त ने बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिए एफओबी पर लगाए गए विज्ञापन हटाकर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पार्षदों ने ऐसी बीओटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) फर्मों के अनुमति से ज्यादा यूनिपोल और विज्ञापन लगाने पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

कोर्ट के स्टे को ढाल बनाकर रातों रात नए यूनिपोल खड़े करने वाली फर्मों पर शिकंजा कसा जाएगा। महापौर ने क्षेत्र में बिना अनुमति नए यूनिपोल लगने पर संबंधित क्षेत्रों के जेई को जिम्मेदार बनाने के निर्देश दिए।

पूर्व में हुई बोर्ड बैठक के कार्यवृत की पुष्टि के दौरान हज हाउस को पार्किंग के लिए दी गई जमीन पर सार्वजनिक पार्किंग चालू किए जाने का मामला उठा तो सदन में हंगामा हो गया। भाजपाई पार्षद सपा व बसपा पार्षदों से भिड़ गए।

पार्षद राजेंद्र त्यागी ने हज हाउस की पार्किंग पर सार्वजनिक पार्किंग का बोर्ड लगाकर ठेके पर देने की बात कही तो बसपा पार्षद आदिल मलिक, सपा पार्षद अजीमुद्दीन सैफी, जाकिर सैफी ने इसका विरोध कर दिया। इस पर भाजपा पार्षद दल के नेता मनवीर नागर भड़क गए। जाकिर सैफी को भला-बुरा कहा।

यही नहीं सदन के बीच में ही गाली और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। भाजपाइयों के दबाव में जाकिर सैफी शांत हो गए।रोटरी संस्था को पैथ लैब के लिए जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। पार्षद धीरेंद्र यादव ने इस चैरिटेबल लैब को लाइनपार क्षेत्र में खुलवाने की मांग की।

इस पर विजयनगर क्षेत्र के अन्य पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया। महापौर ने पैथ लैब या चैरिटेबल अस्पताल में से एक प्रोजेक्ट लाइनपार में खुलवाने का आश्वासन दिया।नगर निगम शहर में नई प्रॉपर्टियों को चिह्नित करने के लिए जीआईएस सर्वे कराएगा। इसके लिए एक कंपनी पूर्व में प्रजेंटेशन दे चुकी है।

सेटेलाइट से प्रॉपर्टियों की इमेज लेकर उनका सत्यापन कराया जाएगा। इस सर्वे के दौरान शहर की कालोनियों को मलिन, पॉश और ग्रामीण बस्तियों में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि टैक्स की दरें अलग-अलग की जा सके। इसके अलावा शहर में लगे स्ट्रीट लाइट पोल और सड़कों को भी यूनीक आईडी नंबर देकर कंप्यूटराइज्ड कराया जाएगा।

भविष्य में जब कभी पोल पर लाइटें लगाई जाएगी या सड़कों का निर्माण किया जाएगा तो उनकी हिस्ट्री भी देखी जा सकेगी। इससे पारदर्शिता आएगी।बार्डर क्षेत्र के पार्षद बाबू सिंह आर्य ने दिल्ली से गाजियाबाद में लाए जा रहे मेडिकल वेस्ट और ई-वेस्ट को जलाने के रैकेट का खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि रात में केमिकल के ड्रम को जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। बार्डर एरिया के लोग रोजाना इस समस्या से जूझते हैं। इस पर नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।

स्पॉट फाइन और पार्किंग पॉलिसी को ग्रीन सिग्नल
नगर निगम की ‘स्पॉट फाइन पॉलिसी’ और पार्किंग पॉलिसी के फाइनल ड्राफ्ट को सदन की मंजूरी मिल गई है। इनको लागू करने की तैयारी कर नगर निगम अब जनता के लिए इनका प्रकाशन करा कर आपत्तियां मांगी जाएंगी।

20 दिन में इनका निस्तारण कराकर फिर सदन से मंजूरी लेकर गजट नोटिफिकेशन कराया जाएगा। इसके बाद यह पॉलिसी अमल में आ जाएंगी। नगर निगम जनवरी 2017 तक यह सभी प्रक्रिया पूरी कर इन पॉलिसी को लागू करने की प्लानिंग कर रहा है।

इन पॉलिसी के लागू होने के बाद सड़कों पर कूड़ा-गंदगी फेंकने, मलबा डालने, पालतू पशुओं के गंदगी करने पर लोगों पर जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अलावा सड़कों पर वाहन पार्क करने पर भी जुर्माना देना पडे़गा।

स्पॉट फाइन पॉलिसी के दायरे में चाय की दुकान वाले से लेकर बड़े अस्पतालों, होटलों और डेयरियों को भी लाया गया है। इसी साल 22 जून को कार्यकारिणी समिति और फिर बोर्ड की बैठक में पॉलिसी को मंजूरी मिल चुकी है।

रेत, डस्ट सड़कों पर फैलाया तो लगेगा जुर्माना
एनजीटी के आदेश पर निगम ऐसे बिल्डरों, मकान मालिकों और बिल्डिंग मेटीरियल विक्रेताओं पर भी जुर्माना लगाएगा जो सड़कों पर रेत, डस्ट, मोरंग, रोड़ी फैलाएंगे। रोक के बावजूद हॉट मिक्स प्लांट चलाने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। निगम अब नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूची तैयार करा रहा है।
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अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली सहमति
- गोशाला अंडरपास से नहीं नई लिंक रोड से जाएंगे कूड़ा वाहन
- डंपिंग ग्राउंड पर दो धर्म कांटे लगेंगे, खाली गाड़ियों का भी होगा वजन
- वार्ड में निर्माण कार्य से पहले पार्षद को दी जाएगी सूचना
- पांच बिल्डरों से लैंड एक्सचेंज करेगा निगम
- कूड़ा लिफ्टिंग वाहनों में लगेंगे जीपीएस
- डंपिंग ग्राउंड पर दो धर्मकांटे लगेंगे, खाली कराने पर भी गाड़ी की होगी तौल
- वार्ड में निर्माण कार्य शुरू होने से पहले पार्षदों को दी जाएगी सूचना
- निर्माण पूरा होने पर पार्षद से लेना होगा अनुमति पत्र
- निगम में पुलिस की तैनाती के लिए एसएसपी को भेजा जाएगा प्रस्ताव
- बाट माप विभाग को लैब के लिए जमीन देगा निगम
- एसटीपी और रेनीवेल के लिए जल निगम को करहेड़ा में दी जाएगी जमीन
- दुहाई में श्मशान घाट के लिए भी जमीन देगा निगम
- कविनगर में आयोजित आध्यात्मिक मेले को 5 लाख दान में देगा निगम
- बोर्ड प्रत्याशा में स्वीकृत निर्माण कार्यों को मिली मंजूरी
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