साहिबाबाद। टीला मोड़ थाना क्षेत्र में चार साल की मासूम से दरिंदगी के दौरान हत्या के मामले में सोमवार को कोर्ट में चार्जशीट जमा होगी। पुलिस ने करीब 250 पेज की चार्जशीट में में 24 लोगों को गवाह बनाया है। इसमें दो लोगों को आरोपी बनाया गया है। एक मासूम को पालने की जिम्मेदारी लेने वाला मुख्य आरोपी और दूसरा उसका, जिसने शव को ठिकाने लगाने में उसकी मदद की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी पर हत्या, दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट व सबूत मिटने की कोशिश, पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उसके दोस्त पर शव को ठिकाने लगानें में आरोपी की मदद, सबूत मिटाने की कोशिश, पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र यादव ने बताया कि मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल हो गई है। विवेचक द्वारा पूरी तैयारी के साथ सोमवार को कोर्ट में चार्जशीट जमा की जाएगी। अभी तक मामले में एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। वह भी सोमवार का कोर्ट में पहुंच जाएगी। पुलिस का पूरा प्रयास है कि मासूम से दरिंदगी करने वाले आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाकर समाज को बड़ा संदेश दिया जाए। जांच के दौरान 250 पेज की चार्जशीट तैयार की गई। उसमें 24 लोगों के बयान लिए गए जबकि मजबूती से साक्ष्य भी रखे गए हैं। इस मामले में गवाहों के बयान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। उनके साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट,डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट व कमरे में मिले खून के सैंपल के अलावा शव को ठिकाने लगाने के लिए घार से निकलते हुए आसपास कैमरों की सीसीटीवी फुटेज बेहद मजबूत सबूत होंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने बचने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को पहले ही रटा-रटाया बयान सिखा दिया था लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी से सच्चाई का पता लगा लिया।
गवाहों में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का पैनल,बच्ची की मुंहबोली बुआ जो आरोपी की पत्नी है, उसका 10 साल का बेटा व 6 साल की बेटी के अलावा बच्ची की खुद की बुआ व आसपास झुग्गी के कुछ लोग शामिल हैं। वहीं, साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फिंगरप्रिंट, कमरे में मिले खून के सैंपल व सीसीटीवी फुटेज शामिल किया है। डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है।