सिकंदराबाद कथा समापन के बाद कथावाचक को सम्मानित करते फलारी बाबा व पंडित आशीष उपाध्याय
सिकंदराबाद। गांव भराना में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का बृहस्पतिवार को विधिवत समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे पांडाल में भक्ति का माहौल बना रहा। वृंदावन से पधारे कथा व्यास पंडित राकेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का संकीर्तन ही जीवों के कल्याण का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान के चरणों में स्वयं को समर्पित कर देता है, वह समस्त ऋणों से मुक्त होकर जीवन का वास्तविक सुख प्राप्त करता है। वेदमूर्ति स्वामी फलाहारी जी महाराज ने कहा कि संसार में दुख का सबसे बड़ा कारण अपेक्षा और आशा है। यदि व्यक्ति दूसरों से अधिक अपेक्षा करना छोड़ दे तो उसका जीवन सुखमय हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी अपेक्षा के किया गया कर्म ही सच्चा आनंद देता है।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई तथा कथा व्यास का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। मधुर भजनों से पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण में गुंजायमान रहा। आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह नौ बजे हवन-पूजन तथा दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।