सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार यह हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी। जांच एजेंसी के अनुसार जेल के भीतर एक ही बोर की चार पिस्तौलें लाई गई थीं, जिनमें से तीन पिस्तौलों का इस्तेमाल हत्या में किया गया। चौथी पिस्तौल को वारदात के बाद जेल परिसर के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। सीबीआई के अनुसार नौ जुलाई 2018 को मुन्ना बजरंगी को एक मामले में पेशी के लिए झांसी जेल से बागपत जेल लाया गया था।
इसी दौरान जेल के अंदर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी गैंगस्टर सुनील राठी है। इसके अलावा परविंद्र राठी, बब्लू तोमर, ओमवीर राठी और अरविंद राठी के नाम भी शामिल हैं। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनके आधार पर अब मामले की आगे की सुनवाई की जा रही है।