गाजियाबाद। प्रापर्टी की रजिस्ट्री के समय निर्धारित शुल्क का अब नकद भुगतान नहीं किया जा सकेगा। रजिस्ट्री शुल्क को अब सीधे बैंक चालान के माध्यम से जमा कराना होगा। जमा चालान की रसीद रजिस्ट्री कराने के दौरान अन्य दस्तावेजों के साथ पेश करनी होगी।
बृहस्पतिवार को यूपी शासन ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। यूपी शासन के निबंधन महानिरीक्षक अनिल कुमार ने कहा है कि 1000 और 500 के नोट अवैध घोषित किए जाने के बाद से नई श्रृंखला के नोट की पर्याप्त अनुपलब्धता के कारण जनता को हो रही परेशानी के मद्देनजर यह निर्णय लिया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत प्रापर्टी की रजिस्ट्री कराने के इच्छुक व्यक्ति को अब तैयार दस्तावेजों के साथ ही पहले चालान फार्म की तीन प्रतियां उपनिबंधक के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगी। उप निबंधक द्वारा उस पर शुल्क की गणना करके उस पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करके पक्षकार को देंगे।
इसके बाद पक्षकार चेक, ड्राफ्ट, आरटीजीएस के माध्यम से निबंधन शुल्क की राशि का चालान उनके स्टेट बैंक आफ इंडिया में स्थित एकाउंट में जमा कराना होगा। जमा चालान की एक कापी रजिस्ट्री के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों केसाथ लगाई जाएगी।
रजिस्ट्री कराने के एक माह के अंदर ही विभागीय अधिकारियों को पक्षकार द्वारा दी गई जमा चालान की कॉपी कोषागार से सत्यापित कराई जाएगी। पक्षकार को यह भी सुविधा दी गई है कि अगर वह एक से अधिक प्रापर्टी की रजिस्ट्री कराना चाहता है तो सभी प्रापर्टी का शुल्क एक ही चालान के माध्यम से जमा करा सकेगा।