500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद बैंकों और डाकघरों के आगे उमड़ रही भारी भीड़ और कई जगहों पर नोकझोंक व झड़प को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब बैंकों को टोकन देने के निर्देश दिए हैं। टोकन सिस्टम से आम जनता को बेवजह की परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी।
अपनी बारी आने पर लोग आसानी से बैंक के अंदर जाकर पुराने नोट जमा कर सकेंगे या नोटों को बदल सकेंगे।डीएम निधि केसरवानी ने इस संबंध में सोमवार शाम को विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि करेंसी बदलने के लिए बैंकों के बाहर लग रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था आवश्यक है।
बैंक प्रबंधक सुबह से बैंकों के बाहर जमा होने वाले लोगों को टोकन जारी करें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान कई जगहों से उन्हें पब्लिक द्वारा हंगामा किए जाने की शिकायत मिली है। ऐसे में पब्लिक को समझाने की जरूरत है।
इसके लिए बैंक प्रबंधक व्यवस्था करें कि प्रत्येक दो घंटे बाद कैश की समीक्षा के बाद बाहर भीड़ को भी उपलब्ध कैश की जानकारी दी जाए। इससे न केवल व्यवस्था पारदर्शी रहेगी, बल्कि घटते कैश के साथ ही पब्लिक भी अनावश्यक रूप से बैंक के बाहर जमा नहीं होगी।
डीएम ने यह भी कहा कि सभी बैंक अपने बाहर बैनर-पोस्टर के माध्यम से अपील करें कि आम जनता खरीदारी और लेनदेन करने में क्रेडिट-डेबिट कार्ड, चेक आदि का प्रयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने बैंक अधिकारियों को अपने सिक्योरिटी गार्ड बढ़ाने और सीसीटीवी लगवाने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने बैंक अधिकारियों के कार्य की सराहना भी की। बैठक में मौजूद एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस का पूरा सहयोग उन्हें मिलता रहेगा।