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खुद के रेस्टोरेंट पर खुद ऑर्डर: 75 मिनट की डिलीवरी 5 मिनट में पूरी, स्विगी को बनाया एटीएम; चौंकाने वाली कहानी

Sat, 19 Sep 2026 11:24 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने स्विगी प्लेटफॉर्म पर 22.68 लाख रुपये की संदिग्ध ठगी का मामला दर्ज किया है। यह रिपोर्ट दो रेस्टोरेंट संचालकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ है। 
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दो रेस्टोरेंट संचालकों पर केस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर क्राइम थाना पुलिस ने स्विगी प्लेटफॉर्म पर कथित फर्जी ऑर्डर और चोरी किए गए क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े मामले में दो रेस्टोरेंट संचालकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एफआईआर स्विगी की रिस्क मैनेजमेंट टीम के मैनेजर बिस्वजीत चौधरी की शिकायत पर 18 सितंबर को दर्ज हुई।

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शिकायत के मुताबिक, वैल्यूएशन और ट्रांजेक्शन की आंतरिक जांच में राधा की रसोई और श्याम रसोई से जुड़े कई ऐसे ऑर्डर सामने आए, जिनमें सामान्य पैटर्न से अलग असामान्य रूप से अधिक रकम के लेनदेन किए गए। राधा की रसोई से सितंबर 2025 से 26 मार्च 2026 के बीच करीब 19.38 लाख रुपये के 85 ऑर्डर बताए गए हैं। इनमें करीब 74 प्रतिशत ऑर्डर 10 हजार रुपये से अधिक के थे। 36 ऑर्डर 30 हजार और 17 ऑर्डर 20 हजार रुपये से अधिक के थे।

पांच-छह मिनट में पूरे हो रहे थे ऑर्डर
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 76 मिनट की डिलीवरी एसएलए वाले कई ऑर्डर महज पांच-छह मिनट में ही पूरे दिखाए गए। इन ऑर्डरों में अंतिम डिलीवरी दूरी भी सामान्यतः 500 मीटर से कम बताई गई। इसके अलावा कई ग्राहक खातों में एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर मिले। कम से कम 52 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
 

रेस्टोरेंट के पते पर मिला दूसरा कारोबार
शिकायत के अनुसार राधा की रसोई के लिए दर्ज पता वैषाली सेक्टर-3 स्थित एक दुकान का था, लेकिन जांच में वहां आस्था फर्नीचर हाउस संचालित मिला। इसी पते का संबंध पहले श्याम रसोई से भी बताया गया है। स्विगी ने श्याम रसोई को कथित सेल्फ-ऑर्डर गतिविधि के कारण पहले निष्क्रिय किया था।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों ने कई ग्राहक खाते बनाकर या नियंत्रित कर अपने ही रेस्टोरेंट के नाम पर ऑर्डर किए और इनमें कथित तौर पर चोरी या संदिग्ध क्रेडिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल किया गया। भुगतान स्वीकृत होने के बाद ऑर्डर बेहद कम समय में पूरा दिखाए जाने की बात भी कही गई है।
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