इंदिरापुरम। इंदिरापुरम थानाक्षेत्र में मेसर्स नंदिनी बिल्डहोम प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। कंपनी पर एक वरिष्ठ नागरिक को सात आवासीय फ्लैटों की दोहरी बिक्री कर करीब 1.36 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा है। इंदिरापुरम पुलिस ने कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
फरीदाबाद निवासी सतीश कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि मेसर्स नंदिनी बिल्डहोम कंपनी ने वसुंधरा ग्रैंड परियोजना में सात फ्लैट उन्हें आवंटित किए थे। वर्ष 2018 में उन्होंने कुल एक करोड़ 36 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया था। कंपनी ने उन्हें आवंटन पत्र और नोड्यूज प्रमाणपत्र भी जारी किए थे। आरोप है कि कंपनी ने वित्तीय संकट का फायदा उठाया। निदेशकों ने उन्हें रियायती दर पर सात फ्लैट खरीदने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने सद्भावना में विश्वास करते हुए भुगतान किया था। कंपनी ने जानबूझकर उन्हीं फ्लैटों को तीसरे पक्ष को बेच दिया, जो धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का स्पष्ट मामला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में रजिस्ट्री के लिए संपर्क करने पर कंपनी ने रेरा पंजीकरण का बहाना बनाया। मार्च 2026 में सतीश कुमार गुप्ता ने परियोजना स्थल का दौरा किया। वहां उन्हें पता चला कि उनके आवंटित फ्लैटों में अन्य परिवार रह रहे हैं। इस जानकारी पर उन्होंने कंपनी के निदेशक सुधीर कुमार राय से संपर्क किया, जिन्होंने बात करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित सतीश कुमार गुप्ता की शिकायत पर इंदिरापुरम पुलिस ने सुधीर कुमार राय, रोहित अग्रवाल, गौरव गुप्ता और कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।