मसूरी। नियमों का उल्लंघन करने पर ऑटो सीज किया तो चालक और उसके साथियों ने यातायात पुलिसकर्मियों से मारपीट कर दी। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने यातायात उपनिरीक्षक (एसआई) का चश्मा तोड़ दिया और मोबाइल फोन सड़क पर फेंककर क्षतिग्रस्त कर दिया। बीच-बचाव करने आए दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
घटना सोमवार सुबह डासना में एनएच-9 स्थित आईएमएस अंडरपास के पास की है। यातायात उपनिरीक्षक विकास कुमार अपनी टीम के हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और कांस्टेबल मनीष कुमार के साथ डासना स्थित आईएमएस अंडरपास के पास चेकिंग कर रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर यातायात डायवर्जन और चेकिंग के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई थी।
इसी दौरान डासना की ओर से गाजियाबाद आ रहे एक ऑटो को रोका गया। उसमें क्षमता से अधिक सवारियां बैठी मिलीं। उसके आगे नंबर प्लेट नहीं थी। बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और फिटनेस भी समाप्त हो चुके थे। ऑटो चालक जुबैर निवासी डासना ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा सका।
इस पर उपनिरीक्षक ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत ऑटो सीज कर उसे पुलिस लाइन भेज दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर चालक जुबैर, बंटी, जोगेंद्र, तरुण व अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने विकास कुमार का चश्मा खींचकर तोड़ दिया और मोबाइल फोन सड़क पर फेंक दिया।
बीच-बचाव करने आए हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और कांस्टेबल मनीष कुमार के साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों ने दोबारा चेकिंग करने पर धमकी दी और यातायात बाधित कर दिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि विकास कुमार की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।