सोमवार तक सर्वे में 29563 घरों का पूरा किया जा चुका है, जिसमें शून्य से लेकर पांच वर्ष तक के 13215 बच्चों की जांच की गई है। अभी तक चले अभियान में कुल 378 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिनका पिछले दो टीकाकरण राउंड में कम से कम एक पोलियो डोज नहीं लिया है। इसके अलावा 146 बच्चों को ऐसे पाया गया, जिन्हें पिछले दो राउंड में ओपीवी की कोई खुराक नहीं मिली थी। सर्वे में यह पाया गया है कि 12069 बच्चे ऐसे मिले जिनको सभी डोज पिलाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो ड्रॉप से वंचित बच्चों को दवा भी पिला रही है।
टीकाकरण के लिए बनाई गई रणनीति, मिले नौ लाख डोज
सोमवार को सीएमओ कार्यालय में पोलियो टीकाकरण को लेकर बैठक हुई। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चन्द्र वैश्य ने बताया कि सर्वे के अनुसार टीकाकरण के लिए आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। सभी 12 संबंधित चिकित्सा इकाइयों के चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के नियमित टीकाकरण एवं पोलियो टीकाकरण कराने के लिए उचित दिशानिर्देश दिए गए हैं।
पांच जून को मिले वायरस के बाद राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, राज्य सर्विलांस यूनिट और जिला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में विशेष सर्वे चल रहा है। जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि अभी छह क्षेत्रों कैला भट्ठा, राजनगर, बुलंदशहर इण्ड एरिया, खैराती नगर, घूकना, न्यू पंचवटी कॉलोनी कोटगांव में सर्वे का कार्य बाकी है। अगले दो दिनों में इसको पूरा कर लिया जाएगा।
विजयनगर-दो में मिला एएफपी का केस
अभी तक के सर्वे के दौरान विजयनगर-दो क्षेत्र में एक एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (एएफपी) केस की भी पहचान हुई है, जिसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है।