प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी के 'मन की बात' कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। कोरोना काल में आई आपदाओं को अवसर में बदलने वालों का उदाहरण देते हुए गढ़मुक्तेश्वर के संतोष की भी सराहना की। पीएम मोदी के कार्यक्रम में जिक्र होने के बाद संतोष की हर ओर प्रशंसा हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चटाई निर्माता संतोष के बारे में बात करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान विषम परिस्थिति में जिस प्रकार संतोष ने अपने पुश्तैनी चटाई बनाने के कार्य को परिवार के साथ दोबारा शुरू किया, उससे ना सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, बल्कि उन्होंने दूसरों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया।
पीएम मोदी ने कहा कि संतोष की पुरखें शानदार कारीगर थे। चटाई बनाने का काम करते थे। कोरोना के समय जब बाकी काम रुक गए तो इनलोगों ने बड़ी उर्जा और उत्साह के साथ चटाई बनाना शुरू किया।
जल्द ही उन्हें न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों से भी चटाई के ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। पीएम मोदी ने कहा कि संतोष ने यह भी बताया कि इससे इस क्षेत्र की सैकड़ों साल पुरानी खूबसूरत कला को भी एक नई ताकत मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां लोग 'आत्मनिर्बर भारत अभियान' में इसी तरह अपना योगदान दे रहे हैं। आज यह एक भाव बन चुका है जो आम जनों के दिलों में प्रवाहित हो रहा है।