एसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस को डायल 112 पर इस सड़क हादसे की सूचना मिली थी। हादसे में दो युवकों के घायल होने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतकों की पहचान कोटद्वार के गांव सीलानी निवासी रामचंद्र रावत के बेटे रोहित (25) व मोहित (23) के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई हैं और नोएडा की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह दोनों अपने घर जा रहे थे। मसूरी थाना क्षेत्र में चितौड़ा के सामने पहुंचने पर वह कुछ देर के लिए रुके हुए थे। इनके साथ दो बाइकों पर उत्तराखंड के तीन युवक और थे। वह उनसे थोड़ा दूरी पर थे। रोहित और मोहित दोनों भाई अपनी बाइक लेकर चले, तभी पीछे से आई ब्रेजा कार ने टक्कर मार दी।
फरार हुआ कार चालक
इस सड़क हादसे में ब्रेजा कार के भी परखच्चे उड़ गए। कार को देखकर लग रहा है कि इसके चालक को भी गंभीर चोटें आई होंगी। हादसे के बाद चालक अपनी कार को एक्सप्रेसवे पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर कार सवार युवक की पहचान का प्रयास कर रही है। कार के नंबर से उसके मालिक की जानकारी भी जुटाई गई है। कार की नंबर प्लेट पर हरियाणा का नंबर (एचआर-98जी -1367) लिखा हुआ है।
दुपहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के दावे झूठे
एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों से लगातार हो रहे हादसों के बाद यातायात पुलिस अधिकारियों ने इस पर दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। इसके लिए नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरे लगाने का दावा किया गया है। पुलिस अधिकारी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह टीम तैनात कर दोपहिया वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर आने से रोकने का भी दावा कर रहे हैं, लेकिन यह दावे झूठे हैं। पुलिस ने इस एक्सप्रेसवे पर बाइकों के चलने पर सख्ती से रोक लगाई होती तो हादसा न होता।