एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि मेरठ के कुंडा गांव निवासी आदेश कसाना (30) अपने दोस्तों कुलदीप कसाना, रोहित कसाना, आदेश पाल और हिमांशु पाल के साथ बुधवार रात गाजियाबाद के लोनी में एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आए थे। वहां से लौटते समय लोनी निवासी अंकित तिवारी (25) भी उनके साथ हो लिया। पार्टी के बाद सभी युवक मेरठ लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। राहगीरों ने किसी तरह आग बुझाई। पुलिस ने एक ट्रक चालक के औजारों की मदद से कार की खिड़की काटकर उसमें फंसे लोगों को निकाला। इसके बाद सभी को नगर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने आदेश और अंकित को मृत घोषित कर दिया।
गंभीर रूप से घायल कुलदीप कसाना, आदेश पाल और हिमांशु पाल को मेरठ रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोहित कसाना पुलिस के पहुंचने से पहले ही किसी तरह घायल अवस्था में कार से बाहर निकलकर बाइक सवार से लिफ्ट लेकर घर चला गया था। हिमांशु रिठानी गांव, जबकि कुलदीप, रोहित व आदेश पाल कुंडा के रहने वाले हैं।
अंकित चला रहा था कार
पुलिस के अनुसार कार आदेश की थी, जबकि हादसे के समय उसे अंकित चला रहा था। आदेश उसके बराबर वाली सीट पर बैठा था। हादसे के कारण दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ देर यातायात भी बाधित रहा। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
डेयरी चलाते थे आदेश, घर से 12 किमी पहले इंतजार कर रही थी मौत
आदेश कसाना डेयरी चलाते थे। उनके परिवार में पत्नी ज्योति, 10 वर्षीय बेटी एलिश और दो बेटे अक्षित व विराज हैं। परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात पत्नी से फोन पर बात करते हुए आदेश ने कहा था कि वह पशुओं का दूध निकालने के समय से पहले घर पहुंच जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। घर से महज 12 किलोमीटर पहले ही हादसे में उनकी मौत हो गई।
बाल-बाल बचे सफाईकर्मी और मानसिक मंदित
हादसे के समय ईएसआईसी अस्पताल के बाहर एक महिला सफाईकर्मी काम कर रही थी। वहीं, रैपिड रेल के जिस पिलर से कार टकराई, उसके पास एक मानसिक मंदित व्यक्ति सो रहा था। हादसे में दोनों बाल-बाल बच गए। कार उनके बेहद करीब से निकल गई।