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14 हजार करोड़ तक बढ़ सकती है हाईस्पीड ट्रेन की निर्माण लागत

Fri, 02 Dec 2016 10:05 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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हाईस्पीड ट्रेन - फोटो : demo pic
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प्रस्तावित दिल्ली-मेरठ हाईस्पीड ट्रेन का बजट 14 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है। हाईस्पीड ट्रेन के लिए 2011 में तैयार की गई डीपीआर में अनुुमानित लागत 21 हजार 400 करोड़ रुपये थी, जिसे अब 35 हजार करोड़ तक बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में संशोधित लागत (कॉस्ट रिवाइज) पर मंथन चल रहा है।
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इसके बाद ही डीपीआर को हरी झंडी दी जाएगी।          बता दें कि 2011 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में हाईस्पीड ट्रेन की एनओसी देने की फाइल लटकी रही। यह एनओसी एनएच-58 को लेकर थी।

अंतत: 15 जून 2016 को मंत्रालय ने एनएच-58 को डिनोटिफाई कर दिया, जिसका मतलब यह निकला कि अब एनएच पर हाईस्पीड के दौड़ने से मंत्रालय को कोई आपत्ति नहीं है। यह काम मंत्रालय ने चार साल पहले कर दिया होता तो आज हाईस्पीड दौड़ भी रही होती और बजट बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।      
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के चीफ कोआर्डिनेटर प्लानर विजय भूषण दूबे ने बताया कि शहरी विकास मंत्रालय ने हाईस्पीड के लिए एनसीआरटीसी को नोडल एजेंसी बनाया है। यह एजेंसी हाईस्पीड की संशोधित लागत पर मंथन कर रही है। बजट तय होने पर डीपीआर को स्वीकृति के लिए मंत्रालय और कैबिनेट को भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि हाईस्पीड के निर्माण कार्य की शुरुआत की तिथि मंत्रालय तय करेगा। देहली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड हाईस्पीड का निर्माण करेगी। यह कंपनी करीब चार साल में निर्माण कार्य पूरा करेगी।      

गाजियाबाद और मेरठ में बनेंगे सर्विस स्टेशन      
हाईस्पीड कॉरिडोर निजामुद्दीन से मेरठ के दौराला तक बनाया जाएगा। यह ट्रेन 90 किलोमीटर की दूरी 45 मिनट के समय में पूरी करेगी। इसी दूरी में 17 स्टेशन होंगे। कोच की सफाई- सर्विस का स्टेशन गाजियाबाद के दुहाई और मेरठ के दौराला में बनाया जाएगा       

ट्रांसपोर्ट हब बनकर उभरेगा मोहन नगर      
हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर निजामुद्दीन से शुरू होकर यमुना के नीचे सुरंग से होते हुए आनंद विहार पहुंचेगी। वहां से अगला स्टेशन मोहन नगर होगा। मोहन नगर हाईस्पीड का उत्तर प्रदेश का पहला स्टेशन होगा। साथ ही मोहन नगर मेट्रो का भी जंक्शन स्टेशन बनाया जाएगा।

हाईस्पीड और मेट्रो के जंक्शन के साथ मोहन नगर पर बस डिपो भी है। ऐसे में मोहन नगर यात्रियों के लिए ट्रांसपोर्ट हब बनकर उभरेगा। जहां से यात्री दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आसानी से आ-जा सकेंगे।
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