स्मार्ट सिटी का एरिया फिर बदल सकता है। अब 18 फरवरी को महापौर अशु वर्मा, नगरायुक्त अब्दुल समद, कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट्स और आवास विकास परिषद व यूपीएसआईडीसी के अधिकारी चयनित एरिया का निरीक्षण करेंगे। अफसरों की यह टीम ओपन स्पेस और स्मार्ट सिटी के लिए चयनित एरिया में बेहतर योजनाएं लागू करने की संभावनाओं को तलाशेगी।
ओपन स्पेस को भी बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले बुधवार को महापौर कार्यालय में बैठक की गई।दरअसल, बीते साल कंसलटेंट फर्म और निगम अफसरों ने कौशांबी, महाराजपुर के ऐसे क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के लिए सेलेक्ट कर लिया था, जिसमें ग्रीन फील्ड या नया डेवलपमेंट करने के लिए ओपन स्पेस नहीं था।
केवल रेट्रो फिटिंग कंपोनेंट को लेकर प्रपोजल तैयार किया गया था। इसके बूते पर गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कराने में कंसलटेंट फर्म सफल नहीं हो सकी। ऐसे में निगम अधिकारियों ने इस बार प्रपोजल बदला है। फिलहाल वसुंधरा, वैशाली और साइट-4 के आंशिक औद्योगिक क्षेत्र का 1317 एकड़ का एरिया सेलेक्ट किया गया है।
बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर कार्यालय में नगर आयुक्त अब्दुल समद, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा और कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में ज्वाइंट मीटिंग हुई। महापौर और नगर आयुक्त ने कहा कि दूसरे विभागों से मिलकर ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं, जिनमें कॉस्ट कनवर्जन भी हो सके।
उन्होंने चयनित किए गए एरिया को बढ़ाकर ओपन स्पेस और बढ़ाने का सुझाव दिया। अब यह टीम 18 फरवरी को वसुंधरा, वैशाली क्षेत्र में निरीक्षण करेगी।
स्मार्ट सिटी के लिए चाहिए 25000 फीड बैक, मिले मात्र 258
ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने स्मार्ट सिटी प्रपोजल के लिए फीडबैक भेजने के प्रति जागरूक करने का कदम उठाया है। फेडरेशन के लोग वाट्सएप के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर उन्हें स्मार्ट सिटी प्रपोजल पर फीडबैक भेजने की अपील कर रहे हैं। आरडब्लूए के पदाधिकारी केसी शर्मा ने बताया कि काफी कम संख्या में लोग अपना फीडबैक दे रहे हैं।
सफल होने के लिए कम से कम 25000 फीड बैक की जरूरत है मगर स्मार्ट सिटी गाजियाबाद की वेबसाइट पर अभी तक मात्र 258 ही फीड बैक पहुंचे हैं। कम फीडबैक दिखाते हुए वाट्सएप और फेसबुक द्वारा सभी रेजिडेंट से अपना फीडबैक भेजने की अपील की जा रही है।